Pahalgam Terror Attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में एक नया मोड़ आया है। आतंकियों को खाना और रसद पहुंचाने के आरोपी 23 वर्षीय इम्तियाज अहमद मागरे ने पुलिस हिरासत के दौरान भागने की कोशिश में विश्वा नाले में छलांग लगा दी, जिसके बाद तेज बहाव में डूबने से उसकी मौत हो गई। यह घटना रविवार को कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में हुई।पुलिस के अनुसार, इम्तियाज को पहलगाम आतंकी हमले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को खाना और अन्य सामग्री पहुंचाने में शामिल था। पूछताछ के दौरान उसने आतंकियों के एक ठिकाने का खुलासा किया था और रविवार को उसे दूसरे ठिकाने की पहचान के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने नाले में छलांग लगा दी। ड्रोन फुटेज में यह घटना कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि इम्तियाज ने खुद नाले में कूदा।राजनीतिक विवाद और जांच की मांग इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस मामले को बांदीपोरा और कुपवाड़ा में हुई संदिग्ध मौतों से जोड़ते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। इम्तियाज के परिवार ने पुलिस और सेना पर गलत व्यवहार का आरोपपहलगाम हमले की पृष्ठभूमि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। हमले में लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ जैसे संगठनों की संलिप्तता सामने आई है। जांच में पता चला कि स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स ने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था।सुरक्षाबलों की कार्रवाई सुरक्षाबल और एनआईए हमले की गहन जांच कर रहे हैं। 100 से अधिक ओवरग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ चल रही है, और कई आतंकी ठिकानों का पता लगाया गया है। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों—आदिल हुसैन ठोकर, हाशिम मूसा, और अली भाई—पर 20-20 लाख रुपये का इनाम रखा है।सवालों के घेरे में इम्तियाज की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या यह आत्महत्या थी या पुलिस दबाव का नतीजा? स्थानीय नेताओं और परिवार का दावा है कि इम्तियाज को गलत तरीके से निशाना बनाया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं। इस घटना ने एक बार फिर कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकारों पर बहस छेड़ दी है। Post navigationAnti-Hindu parade in Toronto : 8 लाख हिंदुओं को भारत भेजने की मांग, PM कार्नी की चुप्पी पर सवाल Badrinath Pooja : कॉकरोच को भोग लगाने की अनोखी परंपरा, तब ग्रहण करते हैं भोजन बदरी नारायण