Badrinath Pooja : कॉकरोच को भोग लगाने की अनोखी परंपरा, तब ग्रहण करते हैं भोजन बदरी नारायण

Badrinath Pooja : उत्तराखंड के चमोली जिले में बसे बद्रीनाथ धाम में भगवान विष्णु के रूप बद्री नारायण की पूजा की एक अनोखी परंपरा है। यहां मंदिर की रसोई में बने भोजन को पहले कॉकरोच को भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि जब तक कॉकरोच भोजन को स्वीकार नहीं करता, तब तक बद्री नारायण उसे ग्रहण नहीं करते। यह प्रथा सदियों पुरानी है और इसे भगवान की इच्छा से जोड़ा जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भोजन में अशुद्धता की आशंका पर भगवान विष्णु ने कॉकरोच को दूत बनाकर शुद्धता जांचने का आदेश दिया। तब से यह परंपरा चली आ रही है। पुजारी इसे भगवान की लीला मानते हैं। कुछ विद्वान इसे स्वच्छता से जोड़ते हैं, क्योंकि कॉकरोच अशुद्ध वातावरण में पनपता है। यदि वह भोजन खाता है, तो रसोई की स्वच्छता सिद्ध होती है।

4 मई 2025 को बद्रीनाथ के कपाट खुलने पर 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर को 15 टन फूलों से सजाया गया। यह परंपरा श्रद्धालुओं में कौतूहल जगाती है, हालांकि कुछ लोग स्वच्छता को लेकर सवाल उठाते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि रसोई में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है और भोग के बाद भोजन को शुद्ध किया जाता है।

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