1300 किमी की ऐतिहासिक साइकिल यात्रा: हरिद्वार से देवघर तक जलाभिषेक, ‘स्वस्थ भारत–मस्त भारत’ का सशक्त संदेश

PURNIA NEWS : हरिद्वार से जल उठाकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में जलार्पण तक की 1300 किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा ने आस्था, साहस, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह प्रेरणादायी यात्रा पूर्णिया जिला साइकलिंग एसोसिएशन के सचिव विजय शंकर सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुई, जिसमें साइकलिंग एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य, जहानाबाद निवासी राकेश कुमार पवन की भी सक्रिय सहभागिता रही। इस अभियान में क्रू मेंबर के रूप में अविनाश मिश्रा भी साथ रहे, जो पहले पैदल 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा कर चुके हैं तथा साइकिल से 12 ज्योतिर्लिंग और चारों धाम की यात्रा का गौरव हासिल कर चुके हैं। वहीं बनारस से निश्चित जी भी इस यात्रा में शामिल हुए और साइकिल चलाकर देवघर तक पहुँचे। यह पावन यात्रा 16 दिसंबर को हरिद्वार से जल उठाकर प्रारंभ हुई और 23 दिसंबर को देवघर में जलार्पण के साथ संपन्न हुई। कुल 8 दिनों तक चली इस यात्रा के दौरान यात्रियों ने हरिद्वार से मुरादाबाद, शाहजहांपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, बनारस, आरा और शेखपुरा होते हुए देवघर तक का सफर तय किया।

देवघर मार्ग पर श्री राम सेवा संघ एवं साइकलिंग एसोसिएशन के सदस्यों राणा प्रताप सिंह, मुरारी सिंह, आतिश सनातनी एवं तिवारी बाबा जी महाराज ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूर्णिया आगमन पर इन साहसी यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। साइकलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन सिंह, साइकलिंग एसोसिएशन के संरक्षक तथा प्रेस क्लब पूर्णिया के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, वरिष्ठ सदस्य शशांक शेखर सिंह, गुड्डू सिंह, पंकज श्रीवास्तव, राजीव कुमार उर्फ विक्की सिंह, विजय शंकर सिंह की धर्मपत्नी मीना सिंह, उनकी माताजी, बहनें एवं पुत्र सहित अन्य परिजनों ने माला पहनाकर यात्रियों का सम्मान किया और इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। इस अवसर पर अध्यक्ष नवीन सिंह, क्रू मेंबर अविनाश मिश्रा तथा वरिष्ठ सदस्य शशांक शेखर सिंह एवं गुड्डू सिंह ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि यह पूर्णिया जिला साइकलिंग एसोसिएशन के लिए गर्व का समय है।

उन्होंने कहा कि संगठन को अपने ऐसे समर्पित अधिकारियों और सदस्यों पर गर्व है, जो पर्यावरण संरक्षण, साइकिलिंग और स्वास्थ्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अपने जीवन की परवाह किए बिना इतनी लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्राएँ करते हैं। ऐसे प्रयास समाज को स्वस्थ और जागरूक दिशा में आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। यात्रियों ने इस अवसर पर “स्वस्थ भारत–मस्त भारत” का संदेश देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए साइकिलिंग, मॉर्निंग वॉक एवं नियमित व्यायाम को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने भारत के ‘लाफिंग बुद्धा’ नागेश्वर दास जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुस्कान और सकारात्मक सोच भी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। साथ ही यह भी कहा गया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण—दोनों की रक्षा अनिवार्य है। आस्था, अनुशासन, साहस और सामाजिक चेतना से जुड़ी यह ऐतिहासिक साइकिल यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि पूर्णिया को स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता के राष्ट्रीय मानचित्र पर भी मजबूती से स्थापित करने का संदेश दे गई।

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