Gen-Z Entrepreneurs : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में यूएस-इंडिया इकोनॉमिक फोरम में कहा कि भारत के युवा, खासकर जेन-जेड, अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की नौकरियों की बजाय उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो उनके समय की तुलना में एक उल्लेखनीय बदलाव है। मल्होत्रा ने याद किया कि जब उन्होंने कॉलेज छोड़ा था, तो MNC में नौकरी सबसे पसंदीदा विकल्प थी और किसी ने भी अपना व्यवसाय शुरू करने की चुनौती नहीं ली, लेकिन अब इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स बड़े पैमाने पर स्टार्टअप्स और उद्यमिता की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास का श्रेय दिया, जिसमें 1.5 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, और अटल इनोवेशन मिशन जैसे सरकारी प्रयास शामिल हैं। मल्होत्रा का मानना है कि यह बदलाव भारत को नौकरी चाहने वालों (जॉब सीकर्स) से नौकरी देने वालों (जॉब क्रिएटर्स) की ओर ले जा रहा है, जो देश के मानव संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन देता है। साथ ही, उन्होंने डिजिटलization और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसे सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कदम सरकार की दक्षता और बचत (40 बिलियन USD तक) को बढ़ा रहे हैं, जो युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रहा है। Post navigationPahalgam Terror Attack Latest Update : दोतरफा घिरा पाक: भारत का सख्त एक्शन और शहबाज सरकार पर PPP की चेतावनी UP NEWS : नशे में धुत वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने वकील के साथ की मारपीट, वीडियो वायरल