सहरसा, अजय कुमार: SAHARSA NEWS मध्य प्रदेश भोजपुरी अकादमी, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित छंद प्रसंग कार्यक्रम के तहत 3 नवम्बर के जबलपुर आर्ट कॉलेज में पौराणिक साहित्यकार विद्यापति, महेन्द्र मिसिर, एवं भिखारी ठाकुर के छंद काव्य पर वैदेही कला संग्रहालय सहरसा के संस्थापक प्रो ओम प्रकाश भारती ने व्याख्यान दिया। श्री भारती ने कहा सही मायने में मनमोहक एवं यादगार अनुभव रहा। ब्याख्यान माला अंतर्गत भोजपुरी मैथिली में रचित छंद पर सुन्दर नृत्य किया गया। जिसे कलाकारों नें सराहनीय प्रदर्शन किया।इस अवसर पर कोलकात्ता के प्रसिद्ध नृत्य गुरू मोनालिसा घोष एवं उनके शिष्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया। जो बहुत ही असाधारण रहा।श्री भारती ने मध्य प्रदेश भोजपुरी अकादमी के पदाधिकारी ओम प्रकाश मैथिल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त कर सुन्दर सुखद मंगलमय आयोजन जो गहराई व सार्थकता प्रदान की। उन्होंने कहा कि मैथिली समाज में जिस प्रकार महाकवि कवि कोकिल विद्यापति का सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उसी तरह भोजपुरी में महेंद्र मिश्रा एवं भिखारी ठाकुर को वह स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 13वीं शताब्दी में महाकवि विद्यापति ने देसिल वयना के तहत अवहट्ट भाषा में रचना की जो आम जनमानस में हृदय में आज तक रची बसी हुई है। उसी प्रकार महेंद्र मिसर एवं भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी भाषा में मार्मिक गीतों की रचना की।जो आज भी प्रासंगिक है जिसे सुनने के बाद मन मस्तिष्क संगीत में वातावरण में हृदय को सुकून प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि महाकवि विद्यापति को आसाम बंगाल उड़ीसा सहित अन्य राज्यों में उन्हें लोग अपने भाषा का कवि मानकर आज भी उनकी रचनाओं को श्रद्धा और भक्ति पूर्वक गायन करते हैं जबकि हिंदी के सिलेबस में महाकवि विद्यापति को हिंदी के कवि के रूप में जाना जाता है जबकि वास्तविकता यह है महाकवि की जन्मभूमि मधुबनी जिले के विस्फी गांव में आज भी स्थित है। वही स्वयं महादेव उगना के रूप में महाकवि के यहां नौकर बन कर रहे वह स्थान मधुबनी जिले के भवानीपुर गांव में उगना महादेव का भव्य मंदिर आज भी विद्यमान है जहां उगना ने महादेव के असली रूप में विद्यापति को साक्षात दर्शन दिया। Post navigationSAHARSA NEWS: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौर बाजार में पुरुष नसबंदी पखवारा हेतु स्वास्थ्य मेला का आयोजन SAHARSA NEWS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर चल रहा व्यापक गृह जनसंपर्क अभियान