अंग इंडिया / संवाददाता : दिल्ली की राजनीतिक हलचल के बीच बिहार की राजनीति भी अचानक चर्चा के केंद्र में आ गई है। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद पार्टी नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने दिल्ली में अपनी पार्टी Janata Dal (United) के वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी बातचीत की। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति, नेतृत्व की भूमिका और बिहार की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी बीच यह अटकल भी सामने आई कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इन चर्चाओं के बीच JDU के वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अभी सरकार बदलने जैसी कोई बात नहीं है। राज्यसभा की सदस्यता लेना अपने आप में सरकार में बदलाव का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी निर्णय तय प्रक्रिया के तहत और समय आने पर ही लिए जाएंगे।
राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता का संकेत है, लेकिन बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। पार्टी के भीतर मंथन जारी है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल इतना तय है कि दिल्ली में हुई इस बैठक ने बिहार की सियासत को नई चर्चा दे दी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर सरकार में किसी बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।



