Pahalgam attack : जयपुर के जोहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद के बाहर 25 अप्रैल 2025 की रात को “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए जाने के बाद भारी बवाल मच गया, जिसके चलते हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह विवाद भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य (हवामहल) के नेतृत्व में पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ा, जिसमें 22 अप्रैल को 26 लोग मारे गए थे। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने मस्जिद परिसर में आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए, जिसमें “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता” जैसे संदेश के साथ एक दाढ़ी वाले व्यक्ति की तस्वीर थी, जिसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। कुछ प्रदर्शनकारियों पर बिना जूते उतारे मस्जिद में प्रवेश का भी आरोप लगा। इसके जवाब में, जामा मस्जिद कमेटी ने माणक चौक थाने में विधायक आचार्य और अन्य के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई। पुलिस ने पांच थानों की फोर्स, तीन RAC कंपनियां और STF तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया।आचार्य ने सफाई दी कि उन्होंने केवल आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टर बड़ी चौपड़, गणेश मंदिर, रामगंज और सुलभ शौचालय जैसी जगहों पर लगाए, न कि मस्जिद के अंदर। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई पहलगाम हमले के विरोध में सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर थी और इसमें हजारों लोग शामिल थे। कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और इसे सामाजिक एकता के खिलाफ बताया, जबकि खान ने कहा कि सभी समुदाय आतंकवाद के खिलाफ हैं, लेकिन आचार्य की हरकत गलत थी। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ और DCP राशि डोगरा ने स्थिति को शांत कराने के लिए मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया। FIR दर्ज होने की घोषणा मस्जिद के लाउडस्पीकर से करने के बाद भीड़ धीरे-धीरे हटी, लेकिन कुछ लोगों ने शनिवार दोपहर तक आचार्य की गिरफ्तारी की मांग की। Post navigationPahalgam attack : पहलगाम हमले के बाद सेना का कड़ा एक्शन: छह आतंकी ठिकाने ध्वस्त, लश्कर के मददगार दबोचे, पाकिस्तान पर शिकंजा Pahalgam Attack : भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान बैकफुट पर, पीएम शहबाज शरीफ बोले- ‘हम निष्पक्ष जांच के लिए तैयार’