PURNIA NEWS,विमल किशोर : नेपाल के तराई क्षेत्र और अमौर प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कनकई नदी, परमान, दास नदी और महानंदा नदी में जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी फैलना शुरू हो गया है। विशेष रूप से कनकई नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले चुका है और सीमलबाड़ी नगरा टोल के लगभग 40 से 50 परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं, अन्य पंचायतों में भी पानी प्रवेश कर रहा है। कटाव की स्थिति इतनी गंभीर है कि कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। कटाव प्रभावित परिवारों का कहना है कि अब तक 10 से अधिक परिवारों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं और लगभग 40 घर कटाव की जद में हैं। गांव के लोग अपने आशियानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं। विस्थापित परिवारों को अभी तक किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक स्तर से राहत नहीं मिली है।कटाव प्रभावित लोग मदरसा, प्रधानमंत्री सड़क और स्कूलों में अस्थाई रूप से शरण लिए हुए हैं और सरकारी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग द्वारा अभी तक कोई कटाव निरोधक कार्य नहीं किया गया है, जो प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाता है। मुख्य रूप से प्रभावित परिवारों में शमशुल, नौशाद, शमशाद, मन्नान, नोमान, रकीब, आलमगीर, तबरेज, हसीब, ताहिर और परवेज कामिल शामिल हैं। कटाव पीड़ितों ने अमौर अंचल प्रशासन से आपदा अनुग्रह अनुदान, भूमिहीन परिवारों को जमीन और आवास योजना के तहत सहायता देने की मांग की है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने की आवश्यकता है। Post navigationSAHARSA NEWS : किसान सभा की बैठक में डबल इंजन सरकार विरोध में फैसला लिया गया SAHARSA NEWS : सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी के लिए रितेश रंजन योग्य प्रत्याशी: अनिल कुमार साह