पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: PURNIA NEWS टीकापटी गांव में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन महीनों में हेलमेट न पहनने की वजह से चार युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। बुधवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जब रणजीत की बाइक दो अन्य बाइकों से टकराई और सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब उसका परिवार और खासकर उसकी पत्नी रोशनी, अभी भी अपने जीवन के सबसे खौ़फनाक पल से गुजर रही थी।इस परिवार में खुशियों का रंग फीका हो गया, क्योंकि शादी के महज दो साल बाद ही रणजीत की मौत ने उसके जीवन के सपनों को चुराकर उसे अकेला कर दिया। तीन महीनों में, हेलमेट न पहनने के कारण अकेले टीकापटी गांव में चार युवकों की जान जा चुकी है, जो एक गंभीर सवाल खड़ा करता है—क्या ये मौतें केवल लापरवाही के कारण हुईं? हेलमेट पहनने से इनमें से अधिकांश की जान बच सकती थी। ये घटनाएं सिर्फ एक परिवार की हानि नहीं हैं, बल्कि पूरे गांव के लिए चेतावनी हैं।अब युवाओं और बुजुर्गों में भी हेलमेट पहनने का विरोध देखने को मिल रहा है। जुर्माना देने को तो वे तैयार हैं, लेकिन अपनी जान की सुरक्षा नहीं करना चाहते। इस पर विधायक शंकर सिंह ने अपील की है कि लोग हेलमेट पहनकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि किसी और को ऐसे दर्दनाक हादसों का सामना न करना पड़े। Post navigationPURNIA NEWS: बैरिया गांव में लगी आग, आधा दर्जन मवेशियों समेत 9 परिवारों की संपत्ति चढ़ी आग की भेंट PURNIA NEWS : प्रेमिका ने एक प्रेमी के संग मिलकर दूसरे प्रेमी का किया हत्या
पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: PURNIA NEWS टीकापटी गांव में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले तीन महीनों में हेलमेट न पहनने की वजह से चार युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। बुधवार को एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जब रणजीत की बाइक दो अन्य बाइकों से टकराई और सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब उसका परिवार और खासकर उसकी पत्नी रोशनी, अभी भी अपने जीवन के सबसे खौ़फनाक पल से गुजर रही थी।इस परिवार में खुशियों का रंग फीका हो गया, क्योंकि शादी के महज दो साल बाद ही रणजीत की मौत ने उसके जीवन के सपनों को चुराकर उसे अकेला कर दिया। तीन महीनों में, हेलमेट न पहनने के कारण अकेले टीकापटी गांव में चार युवकों की जान जा चुकी है, जो एक गंभीर सवाल खड़ा करता है—क्या ये मौतें केवल लापरवाही के कारण हुईं? हेलमेट पहनने से इनमें से अधिकांश की जान बच सकती थी। ये घटनाएं सिर्फ एक परिवार की हानि नहीं हैं, बल्कि पूरे गांव के लिए चेतावनी हैं।अब युवाओं और बुजुर्गों में भी हेलमेट पहनने का विरोध देखने को मिल रहा है। जुर्माना देने को तो वे तैयार हैं, लेकिन अपनी जान की सुरक्षा नहीं करना चाहते। इस पर विधायक शंकर सिंह ने अपील की है कि लोग हेलमेट पहनकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि किसी और को ऐसे दर्दनाक हादसों का सामना न करना पड़े।