RANCHI : राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक (के० के० तिवारी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के०एन० त्रिपाठी ने कहा कि मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए इंटक का एकजुट होना अब अनिवार्य हो गया है। उन्होंने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विभिन्न गुटों में बंटवारे का सबसे बड़ा नुकसान मजदूर वर्ग को उठाना पड़ रहा है, जिसका लाभ प्रबंधन लगातार उठाता रहा है। त्रिपाठी ने कहा कि यदि इंटक की साढ़े तीन करोड़ सदस्यता एक साथ खड़ी हो जाए तो किसी भी प्रबंधन को मजदूरों की जायज़ मांगें मानने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 में एक राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से सभी गुटों के पदाधिकारियों और सदस्यों को बुलाया जाएगा, ताकि आपसी मतभेद खत्म कर साझा मंच पर मजदूरों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके। इस दौरान उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंटक रेड्डी गुट के अध्यक्ष जी. संजीव रेड्डी ने भी आपसी कलह के कारण प्रबंधन के हावी होने की बात स्वीकार की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभय कुमार दुबे, परीक्षित तिवारी और बैद्यनाथ पांडेय भी मौजूद रहे। Post navigationनशा आदि बुराईयों से मुक्ति है असली आजादी: वडेरा RAJSTHAN NEWS : नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सांसियों का तला में निरक्षरों को मिली शिक्षा की नई राह