PM MODI : पीएम मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार: बोले- “ये 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान”

PM MODI : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका की उनकी यात्रा के दौरान शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को श्रीलंका सरकार ने प्रतिष्ठित “श्रीलंका मित्र विभूषण” पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक वारसे को बढ़ावा देने और आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए दिए गए अपवादात्मक योगदान के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कार श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कोलंबो में एक भव्य समारोह में पीएम मोदी को सौंपा। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का प्रतीक है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के लोगों के बीच साझा विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।

पीएम मोदी 4 से 6 अप्रैल तक श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने अनुराधापुरा में जय श्री महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और भारत सरकार की सहायता से लागू कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उनकी यह यात्रा “शताब्दियों की मित्रता, समृद्ध भविष्य के लिए प्रतिबद्धता” थीम के तहत हो रही है, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को रेखांकित करती है। श्रीलंका मित्र विभूषण श्रीलंका का एक उच्च नागरिक सम्मान है, जो उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। पीएम मोदी का यह सम्मान भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और दक्षिण एशिया में शांति व समृद्धि के लिए उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें ऊर्जा, डिजिटलीकरण, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह पीएम मोदी की श्रीलंका की चौथी यात्रा है, इससे पहले वे 2015, 2017 और 2019 में वहां जा चुके हैं। इस सम्मान के साथ ही पीएम मोदी को अब तक 19 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जो उनकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता और कूटनीति का प्रमाण है।

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