पूर्णियाँ : पूर्णियाँ विश्वविद्यालय में लंबे समय से लंबित PAT-2024 एवं PAT-2025 की परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश विश्वविद्यालय परिसर में देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन कर दोनों परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के अंदर सिंडिकेट की बैठक चल रही थी, जबकि बाहर अभ्यर्थी अपने भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद कर रहे थे।
प्रदर्शन के बाद सिंडिकेट सदस्य एम.पी. सिंह एवं अशोक कुमार बादल ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि PAT-2024 एवं PAT-2025 की लंबित परीक्षा का मामला विश्वविद्यालय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और छात्रों के हित में हरसंभव पहल की जाएगी।सिंडिकेट सदस्यों ने बताया कि PAT-2024 एवं PAT-2025 की प्रक्रिया फिलहाल लंबित है और परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अपर मुख्य सचिव तथा राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, बिहार की ओर से जारी पत्र के कारण अड़चन उत्पन्न हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, बिहार को आग्रह पत्र भेजकर उक्त पत्र के प्रभाव को स्थगित अथवा शिथिल करने तथा पूर्णिया विश्वविद्यालय को दोनों परीक्षाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा।
सिंडिकेट सदस्यों ने कहा कि PAT-2024 एवं PAT-2025 के अभ्यर्थियों का मामला महज एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य और शोध में प्रवेश की राह से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से परीक्षा लंबित रहने के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
एम.पी. सिंह एवं अशोक कुमार बादल ने प्रदर्शनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े हैं और छात्रों के अधिकार एवं भविष्य से जुड़े इस मामले को आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे। उनके आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में भी उम्मीद जगी कि अब PAT-2024 एवं PAT-2025 की परीक्षा को लेकर उच्च स्तर पर जल्द पहल हो सकती है।छात्रों का कहना है कि उन्होंने किसी विवाद को जन्म देने के उद्देश्य से प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि लंबे समय से लंबित परीक्षा को आयोजित कराने और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सिंडिकेट तत्काल राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की दिशा में पहल करे, ताकि PAT-2024 एवं PAT-2025 की परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ सके और वर्षों से परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।