पूर्णिया, विमल किशोर: Purnia News पूर्णिया जिले के अमौर थाना क्षेत्र के नितेंद्र पंचायत स्थित बेलगच्छी गांव में रहने वाली आशा कार्यकर्ता रूबी देवी को एक ज़हरीले सांप ने उस समय काट लिया जब वे अपने घर में जलावन निकाल रही थीं। गनीमत रही कि परिवार ने झाड़-फूंक या किसी देसी इलाज का सहारा लेने के बजाय उन्हें फौरन रेफरल अस्पताल अमौर में भर्ती कराया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एहतेमामूल हक़ के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बिना समय गंवाए उन्हें इलाज मुहैया कराया। दो दिनों में रूबी देवी को 40 एंटी-वेनम वायल दिए गए, साथ ही फ्लूड चढ़ाया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
डॉ. एहतेमामूल हक़ ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सर्पदंश की स्थिति में समय बर्बाद किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि झाड़-फूंक या देरी जानलेवा हो सकती है। साथ ही जमीन पर सोने से परहेज करने की सलाह भी दी, ताकि ऐसे हादसे से बचा जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक एंटी-वेनम इंजेक्शन में ऐसे एंटीबॉडी होते हैं जो खून में मौजूद ज़हर से बंधकर उसकी गतिविधि को बेअसर करते हैं। यह उपचार 1890 के दशक से इस्तेमाल हो रहा है और आज भी सर्पदंश का सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है। रूबी देवी की तरह ही समय पर इलाज मिले तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं, बशर्ते अंधविश्वास से ऊपर उठकर मेडिकल साइंस पर भरोसा किया जाए।



