पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: पूर्णिया जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनकटा गांव में रविवार की शाम एक चमत्कारी घटना ने सभी को चौंका दिया। सावन माह के अवसर पर निर्माणाधीन शिवालय में शिवचर्चा कर रहे दर्जनों श्रद्धालु उस समय बाल-बाल बच गए जब लगभग पांच बजे तेज बारिश के साथ अचानक जोरदार वज्रपात हुआ और सीधा शिवालय के ऊपर गिरा। इस वज्रपात से जहां शिवालय का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं वहां मौजूद सभी श्रद्धालु सुरक्षित निकल आए। घटना के बाद श्रद्धालुओं ने इसे भगवान भोलेनाथ का चमत्कार मानते हुए कहा कि उन्होंने अपने भक्तों की रक्षा के लिए खुद पर संकट ले लिया। लगभग पच्चीस लाख रुपये की लागत से बन रहा यह शिवालय गांव के मध्य में 60 फीट ऊँचाई पर स्थित है और इन दिनों सावन के विशेष अवसर पर वहां शिवचर्चा, रुद्राभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठान लगातार हो रहे हैं।
रविवार को भी भक्तगण पूजा-अर्चना में लीन थे कि तभी अचानक तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली शिवालय पर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली गिरते ही मंदिर के चारों ओर सिमेंट और बालू के मिश्रित टुकड़े भरभराकर गिरने लगे और एक क्षण को ऐसा लगा जैसे प्रलय आ गया हो। लेकिन जैसे ही सभी श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकले और खंडित शिवालय को देखा, तो उन्होंने भगवान शिव की जयकार करते हुए भावविभोर होकर यह स्वीकारा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं। इस घटना के बाद गांव में भय और आस्था दोनों का माहौल देखने को मिला। स्थानीय निवासी विपीन कुमार और शिक्षिका चांदन देवी ने बताया कि बिजली गिरते ही आसपास के लोग घरों से निकल कर कांपते हुए बाहर आए। ऐसा प्रतीत हुआ मानो पूरे गांव पर कहर टूट पड़ा हो। ग्रामीणों ने बताया कि शिवालय की ऊँचाई और निर्माण के दौरान तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) न लगाए जाने के कारण ही यह हादसा हुआ।
मंदिर पर प्रतीक स्वरूप त्रिशूल तो लगाया गया था, लेकिन बिजली से सुरक्षा के लिए कोई वैज्ञानिक उपाय नहीं किया गया था, जो कि इस दुर्घटना का कारण बना। अब ग्रामीणों को इस खंडित शिवालय की मरम्मत की चिंता सता रही है। अनुमान है कि इसकी मरम्मत में कम से कम पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। स्थानीय लोगों ने सांसद पप्पू यादव, विधायक शंकर सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस धार्मिक स्थल के पुनर्निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करें ताकि श्रद्धालुओं की आस्था पुनः सुदृढ़ हो सके। गांव में यह विश्वास और गहरा हो गया है कि भगवान शिव ने अपने भक्तों की रक्षा कर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संकट के समय वे स्वयं आगे आते हैं।



