SAHARSA NEWS: आरओबी निर्माण भूअर्जन को लेकर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित, बंगाली बाजार में आरओबी निर्माण औचित्यहीन

सहरसा, अजय कुमार: SAHARSA NEWS बंगाली बाजार रेलवे ढाला स्थित आरओबी निर्माण को लेकर गुरुवार को नगर निगम के सभागार में भू अर्जन पदाधिकारी एवं पुल निर्माण निगम अघिकारियों ने रयतों के साथ जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें भू अर्जन पदाधिकारी अभिनव भास्कर, निगम के यूडीसी बबलू कुमार, हेमचंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद रहे। इस मौके पर व्यवसायी श्याम दहलान, विपुल दहलान, नरेश दहलान, हीरा शाह, दिनेश कुमार, गोपाल भगत, आशीष टिंकू, राजीव भगत, कुश मोदी, अमर कुमार, गोलू कुमार, संतोष कुमार एवं निर्मल गाड़ा ने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर हम लोगों को जबरन बेदखल किया जा रहा है। जबकि रेलवे के पास 13 एकड़ जमीन है जिसका उपयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि 1957 में भूमि अधिग्रहण किया गया था। अब हम लोगों के पास जमीन ही नहीं है जो हम लोग सरकार को देंगे। व्यवसायियों ने कहा कि बंगाली बाजार में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण औचित्यहीन है। सघन आबादी में पुल निर्माण नहीं हो। शहर को बचाने का एक ही विकल्प है कि आधुनिक तरीके से कम जगह और कम नुकसान के साथ आरओबी बने।

व्यवसयियों ने कहा कि शहर बहुत ही छोटा है। ऐसे में इस शहर को उजड़ने से बचाया जाए। जब रेलवे ढाला को 212 मीटर आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही आने वाले दिनों में शहर के अगल-बगल आठ आरओबी बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन एवं पुल निगम से आग्रह है की व्यवसायी से जमीन नही ले बल्कि जिला प्रशासन एवं कल निगम से आग्रह है कि व्यवसायी से जमीन नहीं ले। साथी व्यवसाईयों ने कहा कि50 वर्षों से अधिक समय से हम लोग रोजगार करते हैं। उसी के सहारे अपना जीवन जापान करते हैं। शहर को बचाए। सड़क नाला सीवरेज ट्रीटमेंट मास्टर प्लान बनाकर काम करें। उन्होंने कहा कि सांसद ने भी पूल निर्माण निगम को पत्र लिखकर बाजार को बचाने की मांग की है। उसने कहा कि शहर को खंडहर बनाने से रोका जाए। साथ ही व्यवसाईयों से समुचित वार्ता के लिए मौका दिए जाने की भी मांग की। वहीं अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड ने आपकी समस्या सुनी है। वही व्यवसाईयों ने लिखित रूप से मांग करते हुए कहा कि रेलवे के पास 13 एकड़ जमीन है जिसका उपयोग करें। साथ ही चार विकल्प लिखित रूप से देते हुए इस पर अमल करने की मांग की है। जिसके तहत कहा गया कि वीर कुंवर सिंह चौक से बस स्टैंड तक ओवर ब्रिज बनाया जा सकता है। व्यवसायियो ने जिला प्रशासन शासन से जनभावना को ध्यान में रखकर मार्केट को उजरने से बचाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अब तक पांच बार तोड़ने की निशान लगाया जा चुके हैं जिसके कारण व्यवसायी दहशत में जी रहे हैं। वही अधिकारियों ने बताया कि यह सामाजिक प्रभाव आकलन एस आई ए रिपोर्ट सहरसा नगर में बनने वाले रोड ओवर ब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े सामाजिक आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन किया है। यह परियोजना सड़क निर्माण विभाग द्वारा कराई गई है। जो लेवल क्रॉसिंग 31 नंबर को बदलेगा। परियोजना की लागत 183.43 करोड रुपए हैं। इसकी लंबाई 1238 पॉइंट 55 मीटर होगी। जिसमें वायाडक्ट और एप्रोच रोड भी शामिल है। इसका डिजाइन भूकंप क्षेत्र 4 की मांनको के अनुसार किया गया है। भूमि अधिग्रहण के अंतर्गत कुल 354 जमीन मालिक प्रभावित होंगे। इनमें से 98.3 1% के पास गैर कृषि भूमि है इसीलिए खेती पर असर बहुत कम होगा। वही 90% लोग व्यापार और व्यवसाय से जुड़े हैं ज्यादातर मामलों में छोटे भूखंड अधिकृत हो रहे हैं। इसके लिए पारिवारिक आर्थिक नुकसान सीमित है। केवल चार परिवारों को 75% से अधिक मकान का नुकसान होगा। लगभग 82 परिवार कमजोर श्रेणी में आते हैं।

वही सहरसा नगर की धर्मशाला रोड क्षेत्र में कुछ व्यापारियों की असहमति के कारण सर्वे कार्य आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे को लेकर संतोष मिश्रित है। 93% लोग भूमि के बदले भूमि वाले पुनर्वास को प्राथमिकता देते हैं। लगभग एक तिहाई लोग पुनर्वास पैकेज से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए बहुत कम जमीन ली जाएगी और ज्यादातर लोग इसके पक्ष में है। धर्मशाला रोड के कुछ व्यापारी जमीन जाने की वजह से व्यापार पर असर पड़ने की चिंता से सर्वे में असहमत थे। उन्होंने कहा कि आरओबी बनने से शहर में आवागमन आसान होगी और अस्पताल स्कूल बाजार जैसी सेवाओं तक पहुंच बेहतर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आरओबी के बनने से समाज के लोगों को काफी सहूलियत होगी। कुल मिलाकर यह परियोजना जनता के हित में है आर्थिक रूप से फायदेमंद है और समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाएगी। इस अवसर पर नवल किशोर सिंह, नीरज राज संतोष कुमार, कुन्दन पंजियार, चन्द्रशेखर चौधरी, कल्टू राय, गोपाल कुमार, सुशील जयसवाल, मनोज कुमार, उचित प्रसाद, रामू कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

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