ARARIA NEWS,प्रिंस(अन्ना राय) : फारबिसगंज में मरणोपरांत नेत्रदान को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। हाल ही में, नेत्रदानी किशनलाल भंसाली के परिवार के सदस्यों ने उनकी मृत्यु के बाद नेत्रदान करवाया था। अब इसी परिवार की एक और सदस्य, विमला देवी भंसाली, का मरणोपरांत नेत्रदान संपन्न हुआ है।तेरापंथ युवक परिषद, फारबिसगंज और कटिहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग के चिकित्सक डॉ. अभिनव गुप्ता, डॉ. मो. फैजल और डॉ. मो. इमरान की तत्परता से यह प्रक्रिया पूरी की गई। लाइब्रेरी रोड निवासी स्वर्गीय मूलचंद भंसाली की पत्नी विमला देवी भंसाली का देहांत मंगलवार सुबह पौने दस बजे हुआ था।
परिवार ने दिखाई मानवीयता
देहावसान की खबर मिलने के बाद, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष मुकेश राखेचा ने पारिवारिक सदस्यों से नेत्रदान के लिए संपर्क किया। परिवार की सहमति मिलने के बाद, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष आशीष गोलछा को जानकारी दी गई। तत्काल कटिहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल की टीम से संपर्क किया गया और टीम ने दोपहर 2 बजे तक फारबिसगंज पहुंचकर मृतका का कॉर्निया कलेक्ट किया।
विमला देवी भंसाली के तीनों पुत्रों, महेंद्र भंसाली, मनोज भंसाली और नरेंद्र भंसाली ने इस नेक कार्य के लिए स्वीकृति दी। उन्होंने बताया कि उनकी माताजी बहुत ही धार्मिक थीं और उन्होंने पिछले साल ही मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा था। परिवार के सदस्यों ने इस कार्य में सहयोग के लिए तेरापंथ युवक परिषद और डॉक्टरी टीम को धन्यवाद दिया।
एक दान से रोशन होंगी कई जिंदगियां
इस मौके पर तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष आशीष गोलछा ने कहा कि उनकी संस्था रक्तदान और नेत्रदान जैसे मानवीय कार्यों के लिए हमेशा तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि एक नेत्रदान से तीन से चार लोगों की जिंदगी रोशन हो सकती है, और समाज में इस तरह की जागरूकता लाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। नेत्रदान सह संयोजक पंकज नाहटा ने मानव सेवा को सर्वोपरि बताते हुए लोगों से जीवन में रक्तदान और मरणोपरांत नेत्रदान करने की अपील की। इस मौके पर सुमन डागा, सुरेंद्र डागा, ओमप्रकाश देदानी, मुकेश राखेचा, राजकुमार लड्डा और अजातशत्रु अग्रवाल सहित कई अन्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने परिवार के सदस्यों को उनकी मानवीयता के लिए बधाई दी।



