पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: यह कैसी आध्यात्मिक चेतना का संचार, जहां आध्यात्मिक मंच पर अश्लील डांस करवाया जाता है। युवाओं को यह कैसा संदेश दिया जा रहा है। उक्त बातें प्रखंड के सर्वोदयी नेता दिनेश यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वत्र्तमान में बघवा एवं बिरौली बाजार में हुए आध्यात्मिक कार्यक्रमों में जिस प्रकार अपने आराध्य के सामने अश्लील डांस करवाया गया, यह समाज के लिए ही नहीं, बल्कि सनातनियों के लिए भी चिंता का विषय बनता चला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके गांव बघवा में उनके द्वारा आध्यात्मिक कार्यक्रम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कराया जा रहा था, वहां उस कार्यक्रम में स्थानीय तथाकथित लोगों द्वारा बाधा डाला गया तथा उसी मंच से अश्लील डांस करवाया गया।
ठीक इसी तरह बिरौली बाजार में श्रीणेश चतुर्दर्शी महोत्सव पर श्रीगणेश भगवान के सामने ही जिस प्रकार अश्लील डांस करवाया गया, इसे कहां तक उचित ठहराया जा सकता है। यहां डांस के दौरान जिस प्रकार हो-हंगामा एवं तोडफोड हुई, क्या ऐसी कल्पना की जा सकती है। इस डांस को देखने पहुंची हजारो युवाओं की भीड ने आखिर क्या खोया और क्या पाया। आखिर आयोजक समाज को क्या संदेश देना चाहते थे । एक तो समाज के किशोर उम्र से भी छोटे-छोटे बच्चे नशा के शिकार होते चले जा रहे हैं, इस परिस्थिति में इन्हें इस तरह के अश्लील डांस को परोसकर इनके भविष्य को और दांव पर लगाया जा रहा है।
एकओर हम सनातनी सनातन को दुनिया का सबसे प्राचीनतम एवं सबसे अच्छा व्यवस्थित धर्म बताते हैं तथा इसको लेकर इसी समाज के युवा, प्रबुद्धजन, जनप्रतिनिधि मिलकर समय-समय पर झंडा बुलंद करते हैं, तो दूसरी ओर हम इसपर ही कुठाराघात करने से नहीं चूक रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे समाज के एक जिम्मेदार नागरिक हैं, युवा भटक सकते हैं, परंतु उनके भटकाव को रोकने की जिम्मेदारी इन्हीं प्रबुद्धजनों एवं जनप्रतिनिधियों की है। सभी लोगों का दायित्व है कि धार्मिक कार्यक्रमों में इस तरह के कार्यक्रमों की चर्चा तक नहीं होने देना चाहिए, अन्यथा वह दिन दूर नहीं दिख रहा, जब इसके शिकार हर घर के बच्चे होंगे।



