SAHARSA NEWS,अजय कुमार : ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान,डॉ.रहमान चौक सहरसा के संस्थापक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा जी ने बताया है की जितिया व्रत को भक्ति और उपासना के सबसे कठिन व्रतों में एक होता है.माताएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं.14 सितम्बर क़ो अष्ट्मी प्रातः 08.50 से शुरू होगी.
मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार :
1) जीमूतवाहन व्रतम, जितिया का उपवास : 14 सितम्बर, रविवार
2) डाली भरने का समय-14 क़ो 1.34 दोपहर के बाद उचित
3) पारणा :- 15 सितम्बर सोमवार को प्रातः 06.36 के बाद पारणा