पूर्णियाँ / किशन भारद्वाज : बिहार के राज्यपाल सह पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महामहिम मो० आरिफ मोहम्मद खान रविवार को अचानक पूर्णिया विश्वविद्यालय पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन में हलचल तेज हो गई और स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईं। पूर्णियां विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने रेड कारपेट पर राज्यपाल का स्वागत किया और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलपति, कुलसचिव, डीएसडब्ल्यू, उपकुलसचिव (शैक्षणिक), परीक्षा नियंत्रक तथा महिला महाविद्यालय पूर्णियां के प्राचार्य समेत तमाम पदाधिकारी स्वागत हेतु मौजूद थे। राज्यपाल ने एक-एक कर सभी से भेंट की और उनका अभिवादन स्वीकार किया।
विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने के बाद राज्यपाल ने प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगा, जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान बिहार के विकास हेतु अनेकों योजनाओं की सौगात मिलेगी। इसी कार्यक्रम को लेकर प्रोटोकॉल के तहत वे पूर्णिया आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय का कुलाधिपति होने के नाते यहाँ आना आवश्यक था। संवादाता द्वारा पूछे गए शोध एवं पीएचडी से जुड़े प्रश्नों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि “मेरे लिए जो भी प्रोटोकॉल निर्धारित है, उस पर पूरी तरह और हरसंभव कार्य किया जाएगा।”

राज्यपाल के विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तत्पश्चात वे प्रशासनिक भवन के पहले मंजिल पर पहुंचे, जहां कुलपति ने उन्हें नए निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के भवन का लेआउट समझाया। इसके बाद राज्यपाल सह कुलाधिपति ने सीनेट हॉल में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। शोध कार्यों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की अकादमिक प्रगति, ढाँचागत विकास तथा छात्रहित के विषयों पर गहन चर्चा हुई। राज्यपाल ने सभी समस्याओं और चुनौतियों को बिंदुवार सुना और उनके समाधान हेतु ठोस दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।



