PURNIA NEWS : बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के मद्देनज़र भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश और आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर मंगलवार को महानंदा सभागार, पूर्णिया में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार के निर्देशानुसार रामेश्वर राम, वरीय पदाधिकारी (मीडिया एवं सोशल मीडिया/एमसीएमसी) सह अपर समाहर्ता सिंलिंग, और नोडल पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने राजनीतिक विज्ञापन, पेड न्यूज़, भ्रामक समाचार और सोशल मीडिया प्रचार से संबंधित आयोग के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक विज्ञापन के प्रकाशन या प्रसारण से पूर्व एमसीएमसी सेल से अनुमोदन अनिवार्य है। अनुमोदन के लिए उम्मीदवार को दो प्रतियों में विज्ञापन की प्रति प्रस्तुत करनी होगी, जिस पर समिति 48 घंटे के भीतर निर्णय देगी।
निर्देश दिया गया कि मतदान से एक दिन पूर्व और मतदान के दिन किसी भी प्रकार का राजनीतिक विज्ञापन बिना अनुमति के प्रकाशित नहीं होगा। प्रकाशक और प्रत्याशी का नाम-पता स्पष्ट रूप से अंकित रहना आवश्यक है, अन्यथा Representation of People Act, 1951 की धारा 127A एवं 171(H) के तहत कार्रवाई हो सकती है। प्रशिक्षण में पेड न्यूज़ की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि यदि किसी प्रत्याशी या दल के पक्ष में धनराशि लेकर समाचार प्रकाशित किया जाता है, तो उसे “Paid News” माना जाएगा और ऐसे मामलों में 96 घंटे के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा।
सोशल मीडिया के संदर्भ में निर्देश दिया गया कि प्रत्याशी को नामांकन के समय Form-26 में अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट का विवरण देना अनिवार्य है। किसी भी प्लेटफ़ॉर्म—Facebook, X (Twitter), Instagram, YouTube या WhatsApp—पर राजनीतिक विज्ञापन पोस्ट करने से पूर्व प्रमाणन आवश्यक होगा, और इन पर किया गया व्यय प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेड न्यूज़, फेक न्यूज़ या आचार संहिता उल्लंघन के किसी भी मामले पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी ताकि चुनाव प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।




