PURNIA NEWS,विमल किशोर : अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगच्छी में डॉक्टर एवं कर्मी के नहीं रहने से रोगियों को बाहर इलाज करने जाना बनी मजबूरी बन गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार आम ग्रामीणों के स्वास्थ्य के देखभाल के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र खोला है जहां डॉक्टर एवं कर्मियों को बहाल कर गांव के गरीब लाचार बेसहारा लोगों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। लेकिन डॉक्टर एवं कर्मियों के द्वारा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की धज्जी उडाई जा रही है। कागज में डॉक्टर एवं कर्मी का उपस्थित दर्ज होता है जबकि अस्पताल में एक भी दिन डॉक्टर एवं कर्मी उपस्थित नहीं रहने के कारण गांव के गरीब लाचार बेवस लोगों को इलाज के लिए शहर की तरफ भागना मजबूरी बन गया है। वार्ड सदस्य संघ अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य तूफान आलम ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगाछी सिर्फ कागजों में चल रहा है सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से अस्पताल का निर्माण कराया गया है लेकिन एक भी डॉक्टर एवं कर्मी के नहीं आने के कारण अस्पताल शोभा का वस्तु बना हुआ है। कई बार रेफरल अस्पताल अमौर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से अस्पताल में डॉक्टर एवं कर्मी देने के मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुआ।
वार्ड सदस्य राजेश कुमार यादव ने कहा कि अस्पताल खंडहर बन चुका है एक भी डॉक्टर या कमी के नहीं आने के कारण लोगों को प्राइवेट में भारी भरकम राशि देकर इलाज करना मजबूरी बना हुआ है। वहीं प्राइवेट क्लीनिक में डॉक्टर का मंथली बंधा हुआ है जहां भोले भाले मरीजों से जबरन इलाज के नाम पर हजारों रुपए की उगाही किया जाता है। ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के ड्यूटी बहाल करने की मांग की। मांग करने वालों में वार्ड सदस्य संघ प्रखंड अध्यक्ष वार्ड सदस्य तूफान आलम, राजेश यादव ,अबू समा, अबू कमर, मेहरोज आलम,डोमर,इलियास, शकूर, लुकमान, भोजील, मोहम्मद सफीक ,जुबेर आलम, रफीक ,कलीम एवं फटकन आदि शामिल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगच्छी में पदस्थापित डॉ मुकर्रम राजा ने बताया कि रेफरल अस्पताल अमौर में 2 दिन ड्यूटी करते हैं कभी-कभी नाइट ड्यूटी भी रेफरल अस्पताल में करते हैं।



