PURNIA NEWS,विमल किशोर : अमौर प्रखंड क्षेत्र में लगातार कई दिनों से हो रही बे मौसम की बरसात से धान की फसले हुई बर्बाद,किसानों में छाया मातम। बंगाल की खाड़ी से उठे तूफान का असर अमौर प्रखंड क्षेत्र में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश से धान की फैसले बर्बाद हो गई। धान की फैसले बर्बाद होते दे किसान मायूस हो गए हैं किसानों ने बताया कि कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से सैकड़ो एकड़ में लगे धान की तैयार फैसले बर्बाद हो गई है।किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति मुआवजे की मांग की। मांग करने वालों में मो अजमल, मौजम, समसूल हुदा, नाजिम, अजमुद्दीन, अंजर, इलियास, शेख रसूल, प्रकाश मंडल, कामदेव मंडल, वीरेंद्र मंडल, वीरेंद्र शाह, रवि साह, शमसुद्दीन, शे रइईस आदि शामिल है। Post navigationविजय खेमका का सघन जनसंपर्क, जनता से मांगा समर्थन — बोले, “विकास और विश्वास की राह पर आगे बढ़ रहा है पूर्णिया” विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न, प्रेक्षक महोदय ने जताई संतुष्टि — दिए कई अहम निर्देश