अररिया/ प्रिंस कुमार : अररिया में 10 वर्षीय बच्ची की क्रूरतापूर्ण हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी मां पूनम देवी को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस घटना को ‘अत्यंत जघन्य’ बताते हुए कहा कि दोषी ने ‘माता जैसे पवित्र शब्द को कलंकित कर दिया’। नरपतगंज थाना कांड संख्या 380/23 से जुड़े इस मामले में अदालत का यह कठोर निर्णय समाज के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
मामले में दोषी पूनम देवी ने अपने पड़ोसी रूपेश कुमार सिंह के साथ अवैध संबंध उजागर होने के डर से खुद अपनी 10 वर्षीय बेटी शिवानी कुमारी की हत्या कर दी थी। पति के पंजाब से लौटने की खबर मिलते ही राज़ खुलने की आशंका हुई, जिसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। 10 जुलाई 2023 को पूनम देवी ने मासूम बेटी को खाने में कीटनाशक मिलाकर बेहोश किया और फिर सब्जी के चाकू से बेरहमी से गला व पेट पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बच्ची का शव मकई के ढेर में छिपाकर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी।
चौकीदार के फर्द बयान पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया और शव के साथ घटना में प्रयुक्त चाकू, कीटनाशक तथा अन्य सबूत बरामद किए। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रभा कुमारी ने इसे ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ केस बताते हुए कड़ी सजा की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने दोषी को धारा 302 के तहत फांसी, धारा 328 में सात वर्ष की सजा व 50,000 रुपये जुर्माना, तथा धारा 201 में पाँच वर्ष की सजा और 10,000 रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त 18 माह की कैद भुगतनी होगी।



