सहरसा,अजय कुमार : बीते दिनों 27 नवम्बर को जिले के सौर बाजार के कबाडी़ व्यवसायी पैंतालीस वर्षीय मनोज साह को सहरसा पुलिस द्वारा थाने पर बुलाकर के इतनी पिटाई की गई। जिनके कारण उनकी मृत्यु 3 दिसंबर को एक निजी स्पताल में हो गई। उपरोक्त बातों का खुलासा अपने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री [ संगठन ] – सह -प्रभारी पूर्णिया , कोशी एवं भागलपुर प्रमंडल के अनिल कुमार साहा ने बताया की सहरसा जिले के सौर बाजार के मनोज साह को दिनांक 27 नवंबर को सहरसा पुलिस उन्हें करीब 5:00 बजे बुलाकर थाना ले गया जहां उन्हें रखा गया उनहें परिवार जनों से मिलने नहीं दिया गया ना ही कोई कारण बताया बाद में पूछने पर थाने के पदाधिकारी द्वारा बताया गया की चोरी का सामान खरीदता है।वही 28 तारीख को शाम करीब 6 बजे में मनोज साह को छोड़ा गया इस बीच उसे पुलिस पदाधिकारी द्वारा इतना पीटा गया कि उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्होंने सदर अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज कराया जहां तीन दिन तक सदर अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वहां के डॉक्टरों ने कहा कि आपका पैर में सूजन था अब ठीक हो गया आप जा सकते हैं। मनोज साह अपने घर गए रात में फिर अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। उन्होंने वहीं मीना नर्सिंग होम डॉक्टर बृजेश कुमार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया जहां उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि चुके इन्हें इतनी मानसिक प्रताड़ना पुलिस द्वारा किया गया जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई।
मृतक की पत्नी रंभा देवी का उम्र 35 वर्ष है तथा मृतक मनोज साह अपने पीछे अपनी पत्नी रंभा देवी 35 वर्ष दो पुत्री अंजली कुमारी 19 वर्ष जो बीए की छात्रा है दूसरी पुत्री साक्षी प्रिया जो बारहवीं की छात्रा है तथा एकमात्र पुत्र ऋषभ राज 16 वर्ष जो 11th का विद्यार्थी है। मनोज साह के अलावा उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति या कोई भी सदस्य नहीं है जो इस परिवार का भरण पोषण कर सके।श्री साहा ने बताया कि आए दिन बिहार में वैश्यों की हत्याएं और वैश्यों का अपहरण बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहा है जबकि वैश्य भारतीय जनता पार्टी का सबसे कोर वोटर है और अभी भारतीय जनता पार्टी के गृह मंत्री बिहार में सम्राट चौधरी हैं और केंद्र में अमित शाह है और जो यह दावा करते हैं कि बिहार में कानून का राज है नीतीश की सरकार है। लेकिन वैश्यों की हत्या किन कारणों से हो रही है यह एक अनसुलझा सवाल है । बिहार के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल जी भी कानून की राज की बात करते हैं लेकिन अभी तक इनमें से किन्हीं नेताओं की नींद नहीं टूटी है कि आखिर मनोज साह की हत्या पुलिस की पिटाई से जो हुई किन कारणों से हुई उनके परिवार का कोई हाल-चाल नहीं पूछा गया नहीं कोई आर्थिक मदद की गई ना ही कोई ऐसी कठोर कार्रवाई की गई जिससे जनता में यह बिश्वास बंधे की बिहार में कानून का राज है नितीश जी की सरकार है ।
श्री साहा बिहार सरकार से मांग किया है कि मनोज साह के जाने के बाद मनोज साह की मृत्यु होने के बाद उनके परिवार में कोई भी सदस्य ऐसा नहीं है जो कोई व्यवसाय करके या कोई भी आर्थिक उपार्जन करने वाला सदस्य नहीं है जिससे परिवार का परवरीस हो सके। श्री साहा ने अभिलंब ऐसे पुलिस पदाधिकारी पर ठोस कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित ही नहीं बल्कि उनके पद से बर्खास्त करते हुए साथ ही मृतक के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा करें एवं तत्काल आर्थिक मदद करे अन्यथा अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन अपने बैनर तले आंदोलन करेगी जिसकी सारी जवाब देही बिहार सरकार की एवं केंद्र सरकार की होगी।



