पूर्णिया, वि० सं०: जिला अधिवक्ता संघ पूर्णिया के दो अधिवक्ताओं को एक साथ दी गई भाव-भीनी श्रद्धांजलि। वरीय अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद यादव का निधन शनिवार को सुबह 8:00 बजे हृदय गति रुक जाने के कारण हो गया। इससे पूर्व अधिवक्ता सतीश्वर प्रसाद साह का निधन शुक्रवार की रात्रि लगभग 1:49 बजे हृदय गति रुक जाने के कारण हो गया। शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ के तमाम अधिवक्ताओं ने दोनों दिवंगत अधिवक्ताओं के सम्मान में शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए अपने-आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा।
संघ के अध्यक्ष अवधेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में दिन के 01:30 बजे संघ के प्रशाल में एक शोक-सभा का आयोजन कर दिवंगत दोनों अधिवक्ताओं के आत्मा की शांति हेतु श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस मौके पर संघ के सचिव सुमन जी प्रकाश एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण उपस्थित थे। अध्यक्ष महोदय ने योगेंद्र प्रसाद यादव के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1972 में अपने संघ की सदस्यता ग्रहण की थी। वे काफी विनम्र स्वभाव के नेक दिल इंसान थे। लगभग 76 वर्ष की अवस्था में वे हम सब को छोड़ गए। अपने पीछे वे विधवा पत्नी वीणा देवी (गृहणी) और चार पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनकी सभी पुत्रियां शादीशुदा और सुख में जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। अध्यक्ष महोदय ने सतीश्वर प्रसाद साह के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1995 में अपने संघ की सदस्यता ग्रहण की थी।

वे काफी मृदुभाषी और नेक दिल इंसान थे। लगभग 75 वर्ष की अवस्था में वे हमसब को छोड़कर चले गए। अपने पीछे विधवा पत्नी शीला रानी साहा (गृहणी) एवं दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं, सभी शादीशुदा एवं सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अध्यक्ष महोदय ने अपने शोक संवेदना में कहा कि दोनों ही सम्माननीय अधिवक्ताओं का असामयिक निधन हमारे संघ के लिए अपूरणीय क्षति है। संध्या 4.00 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायिक कक्ष में भी एक संयुक्त शोक-सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता गण शामिल हुए तथा 2 मिनट का मौन रखकर दोनों स्वर्गीय अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद यादव और सतीश्वर प्रसाद साह के आत्मा की शांति हेतु श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।



