अररिया, प्रिंस कुमार: जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बुधवार को भरगामा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल कार्यालय की कार्यप्रणाली और अभिलेखों के संधारण की जांच की, बल्कि प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों की गति परखी।
प्रखंड कार्यालय की कार्यप्रणाली का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंड के विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण किया। उन्होंने फाइलों के रखरखाव, साफ-सफाई और आम जनता की शिकायतों के निपटारे की स्थिति को देखा। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फाइलों का संधारण अपडेट रहना चाहिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महत्वपूर्ण योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
समीक्षा बैठक में जिले की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर चर्चा हुई: आवास और स्वच्छता: प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और LSBA के तहत बन रहे डब्ल्यूपीयू (WPU) निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्लांटेशन: वृक्षारोपण कार्यों में तेजी लाने और उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ केवल पात्र लाभुकों तक ही पहुंचना चाहिए।
फार्मर रजिस्ट्रेशन: डिजिटल पहचान से सशक्त होगा किसान
प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के बाद डीएम विनोद दूहन सीधे फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य का स्थल निरीक्षण करने पहुंचे। वहां उन्होंने कार्य में लगे राजस्व कर्मचारियों और किसान सलाहकारों से फीडबैक लिया।
फार्मर आईडी के लाभ पर डीएम के मुख्य बिंदु:
एकीकृत डिजिटल पहचान: किसान को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिससे बार-बार दस्तावेज जमा करने का झंझट खत्म होगा। किसान सम्मान निधि की किस्तें, केसीसी (KCC) ऋण, और फसल बीमा का मुआवजा सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलेगा। बीज और खाद पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी।
पंचायतों में विशेष शिविर की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन के विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन शिविरों का लाभ उठाएं ताकि केंद्र और राज्य सरकार की सभी कृषि योजनाओं से वे सीधे जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) सहित सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।



