सहरसा, अजय कुमार: Saharsa News सहरसा नगर निगम ने नए बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण को लेकर एक सराहनीय और मिसाल कायम करने वाली पहल की है। लंबे समय से बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम प्रशासन और होटल संचालकों के बीच चला आ रहा विवाद आखिरकार बिना किसी सख्ती और बुलडोजर कार्रवाई के शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। दरअसल, बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण को लेकर नगर निगम द्वारा कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर होटल संचालक अपने आवंटन पत्र और हाईकोर्ट से प्राप्त स्टे ऑर्डर का हवाला देते हुए होटल हटाने से इंकार कर रहे थे।
इस कारण मामला लगातार उलझता जा रहा था और सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रभावित हो रहा था। इसी बीच नगर आयुक्त प्रभात झा ने सूझबूझ और प्रशासनिक समझदारी का परिचय देते हुए मामले का व्यवहारिक समाधान निकाला। नगर आयुक्त ने होटल संचालकों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक स्थल आवंटित किया और आपसी सहमति से होटलों को वहां स्थानांतरित कराने के लिए तैयार किया। इससे एक ओर अतिक्रमित क्षेत्र स्वतः खाली हो गया, वहीं दूसरी ओर होटल संचालकों की आजीविका पर भी कोई असर नहीं पड़ा। नगर निगम की इस मानवीय पहल के बाद नए बस स्टैंड परिसर का सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से शुरू किया जा सका।
साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बस स्टैंड यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित होगा, वहीं शहर की छवि भी बेहतर होगी। नगर आयुक्त की इस पहल की मेयर, उपमेयर सहित शहर के बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह कदम प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है, जहां विकास कार्य भी हुए और किसी के साथ अन्याय भी नहीं हुआ। नगर निगम की यह कार्यशैली आने वाले समय में अन्य विवादों के समाधान के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।



