एसएसबी की पहल से युवा बने आत्मनिर्भर; 50 प्रशिक्षुओं ने पूरा किया 10 दिवसीय मोटर ड्राइविंग कोर्स

प्रिंस कुमार, अररिया: सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) 56वीं वाहिनी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। कुशमाहा के दामादीधि में आयोजित एक समारोह के दौरान सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

कमांडेंट ने युवाओं को सौंपा ‘सफलता का प्रमाण’
56वीं बटालियन के कमांडेंट शाश्वत कुमार (IPS) ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले 50 स्थानीय युवाओं को मोटर ड्राइविंग कोर्स का सर्टिफिकेट प्रदान किया। प्रमाण पत्र वितरण के दौरान कमांडेंट ने प्रशिक्षुओं से कोर्स के अनुभवों और ड्राइविंग की बारीकियों के बारे में जानकारी ली। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं ने एसएसबी की इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे रोजगारपरक प्रशिक्षण से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण: टेलरिंग कोर्स का भी लिया जायजा

मोटर ड्राइविंग कोर्स के समापन के बाद, कमांडेंट शाश्वत कुमार और अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र में चल रहे महिला टेलरिंग (सिलाई-कढ़ाई) कोर्स का भी मुआयना किया। उन्होंने महिला प्रशिक्षुओं से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि यह प्रशिक्षण उनके आर्थिक स्वावलंबन में कितना मददगार साबित हो रहा है।

अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस विशेष अवसर पर सहायक कमांडेंट आशीष गुप्ता, डी समवाय (D-Company) प्रभारी उप निरीक्षक महिंद्रा सिंह सहित एसएसबी के कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे। एसएसबी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं के लिए इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ये कोर्स न केवल युवाओं को हुनरमंद बना रहे हैं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच आपसी विश्वास और समन्वय को भी मजबूत कर रहे हैं।

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