अंग इंडिया संवाददाता : पूर्णिया। जिले में भूकंपीय जोखिम को कम करने और आमजन को आपदा से सुरक्षित रहने के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा (15 जनवरी से 28 जनवरी 2026) का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) ने भूकंप सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), एडीएमओ पूर्णिया सहित जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जागरूकता रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर ऑडियो-विजुअल संदेशों और पंपलेट्स के माध्यम से लोगों को भूकंप सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य “आपदा से सुरक्षा, जानकारी में ही है बचाव” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
विद्यालयों और संस्थानों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
15 से 28 जनवरी के बीच जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम तथा विभिन्न संस्थानों में संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। यह सभी कार्यक्रम जिला पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में संचालित होंगे।
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
जागरूकता रथ की रवानगी के बाद समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) ने जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भूकंप के समय घबराने के बजाय धैर्य और पूर्व-अभ्यास अधिक कारगर सिद्ध होते हैं।
अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) ने भूकंप से पूर्व जागरूकता एवं संवेदनशीलता के प्रचार-प्रसार को सबसे प्रभावी उपाय बताया।
एडीएमओ पूर्णिया प्रणव कुमार ने जानकारी दी कि बनमनखी में भूकंपीय वेधशाला स्थापित करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है, जिससे सीमांचल और कोसी दोनों प्रमंडलों को लाभ मिलेगा।
मॉक ड्रिल से दिखाया गया जीवन रक्षा का अभ्यास
समाहरणालय परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीम ने भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का जीवंत प्रदर्शन किया। इसमें सुरक्षित स्थान का चयन, भवन से सुरक्षित निकासी और प्राथमिक चिकित्सा की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।
संगोष्ठी एवं मॉक ड्रिल में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका, राज्य आपदा मोचन बल, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, रेड क्रॉस के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



