पूर्णिया विश्वविद्यालय की 24वीं विद्वत परिषद् की बैठक में शैक्षणिक एवं संबद्धता से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय

Several important decisions related to academics and affiliation were taken in the 24th Academic Council meeting of Purnea University.

किशन / पूर्णिया/

पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया की 24वीं विद्वत परिषद् (Academic Council) की बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, संबद्धता (Affiliation), नए पाठ्यक्रमों के संचालन तथा शोध से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक में एफिलिएशन एवं न्यू टीचिंग प्रोग्राम समिति की 17वीं बैठक के निर्णयों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया।

निदेशक, उच्च शिक्षा, बिहार सरकार के पत्र के आलोक में सत्र 2026–2030 के लिए 12 महाविद्यालयों द्वारा एफिलिएशन पोर्टल पर प्रस्तुत आवेदनों पर निर्णय लिया गया। इफ्तात इंस्टिट्यूट ऑफ आर्ट, साइंस एंड कॉमर्स, पोठिया (किशनगंज) को सुरक्षा राशि एवं निरीक्षण शुल्क जमा नहीं किए जाने के कारण तथा सर्वोदय कॉलेज, कुर्सेला (कटिहार) को न्यायालय में मामला लंबित रहने के कारण अनुमोदन नहीं दिया गया।

समिति द्वारा अलहाज नईमुद्दीन शहीदी कॉलेज, निस्ता (कटिहार), के.एन. डिग्री कॉलेज, बकरी कुर्साकाटा (अररिया) एवं स्कॉलर्स डिग्री कॉलेज, बी.कोठी (पूर्णिया) को स्थायी एफिलिएशन प्रदान करने की अनुशंसा की गई। वहीं सनराइज पूनम वीरेंद्र डिग्री कॉलेज, डगरूआ (पूर्णिया), महात्मा गांधी मेमोरियल डिग्री कॉलेज, कोटिया (किशनगंज), इंसान डिग्री कॉलेज, शिक्षा नगर (किशनगंज) तथा लव कुश डिग्री कॉलेज, प्राणपुर (कटिहार) को सत्र 2026–2030 के लिए एक वर्ष हेतु एफिलिएशन विस्तार की अनुशंसा की गई। सीमांचल डिग्री कॉलेज को सत्र 2026 के लिए एक वर्ष का एफिलिएशन विस्तार प्रदान किया गया।

JDSS महिला कॉलेज, फारबिसगंज (अररिया) को यूजी स्तर पर कॉमर्स संकाय में सत्र 2026 के लिए प्रथम बार एक वर्ष हेतु नव संबंद देने की अनुशंसा की गई। किसान डिग्री कॉलेज, पहाड़िया, अमौर (पूर्णिया) को यूजी स्तर पर केवल कला संकाय में सत्र 2026–2030 के लिए एफिलिएशन देने की अनुशंसा की गई।

सेल्फ फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत वोकेशनल कोर्स (BCA एवं अन्य) को सत्र 2026–2029 में प्रारंभ करने के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय की जांच समिति की अनुशंसा, AICTE की मान्यता तथा बिहार सरकार से प्राप्त अनुमति पत्र के उपरांत ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अररिया महाविद्यालय, अररिया में बीबीए, बीसीए एवं बी.एड. के अतिरिक्त पीजी स्तर पर नए विषयों में पाठ्यक्रम संचालन हेतु विहित प्रक्रिया अपनाकर सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। फारबिसगंज कॉलेज, फारबिसगंज में एमए, एमएससी एवं एमकॉम पाठ्यक्रम प्रारंभ करने तथा B.Lib पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया। गोरेलाल मेहता महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कला एवं विज्ञान पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

पूर्णिया महिला महाविद्यालय में वर्तमान में संचालित स्नातक विषयों को पीजी स्तर तक विस्तारित करने तथा सहायक अध्यापक, प्रयोगशाला कर्मी एवं निम्नवर्गीय लिपिक पद सृजन के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। वहीं पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया में यूजी स्तर पर सात नए विषयों में पठन-पाठन प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। आरडीएस कॉलेज, सलमारी में BCA एवं BBA पाठ्यक्रमों तथा B.Ed पाठ्यक्रम संचालन हेतु एनओसी प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया।

शोध से संबंधित निर्णयों में PhD सत्र 2024–2025 के लिए नामांकन ब्रोशर, कोर्स वर्क का नया सिलेबस, साहित्यिक चोरी रोकथाम विनियम–2026, PhD उपाधि हेतु SOP तथा नामांकन से लेकर उपाधि प्रदान किए जाने तक की संपूर्ण कार्यप्रणाली को अनुमोदित किया गया। साथ ही UGC रेगुलेशन के तहत नव नियुक्त शिक्षकों को PhD शोध निदेशक के रूप में अनुमोदन प्रदान किया गया।

विद्वत परिषद् में लिए गए ये सभी निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, गुणवत्ता संवर्धन एवं शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।