पूर्णिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ए. के. पांडे ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया विश्वविद्यालय एवं जिले का मान

पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं भौतिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए. के. पांडे ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों से एक बार फिर पूर्णिया विश्वविद्यालय तथा पूरे पूर्णिया जिले का गौरव बढ़ाया है। दिनांक 30–31 जनवरी 2026 को आयोजित ICAMS 2026 (Fifth International Conference on Advances in Materials Studies 2026) में प्रो. पांडे के शोध कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन डॉ. विठलराव विखे पाटिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, अहिल्यानगर (भारत) द्वारा टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर, पुणे के सहयोग से आयोजित किया गया था।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. ए. के. पांडे के दो महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों द्वारा सराहा गया। पहला शोध पत्र “Estimation of the Thermodynamics of Au-Cu Melts at 1550K” शीर्षक से प्रस्तुत किया गया, जिसके सह-लेखक प्रकाश रंजन दीन, सोनी कुमारी एवं प्रो. ए. के. पांडे रहे। यह शोध उच्च तापमान (1550K) पर Au-Cu (स्वर्ण-तांबा) मिश्रधातुओं के ऊष्मागतिकीय गुणों के विश्लेषण से संबंधित है, जो पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

दूसरा शोध पत्र “Controlling the Flow of Lights through an All Organic Approach: Large Area, Flexible, Power-Efficient Polyelectrochromic Events of Solar Cell” शीर्षक से प्रस्तुत किया गया, जिसके सह-लेखक ज़ैनब आमिना एवं प्रो. ए. के. पांडे रहे। यह शोध सौर ऊर्जा एवं ऑर्गेनिक मैटेरियल्स के क्षेत्र में नवाचार से जुड़ा है, जिसमें बड़े क्षेत्रफल, लचीले एवं ऊर्जा-कुशल पॉलिइलेक्ट्रोक्रोमिक सौर सेल के विकास पर प्रकाश डाला गया है। यह शोध भविष्य की ऊर्जा तकनीकों के लिए अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर ए. के. पांडे पूर्णिया विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के प्राध्यापक हैं। वे विभागाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में परीक्षा नियंत्रक के रूप में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। उनके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव ने विश्वविद्यालय को नई दिशा प्रदान की है।अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्रों की प्रस्तुति और प्रमाण पत्र प्राप्त होना न केवल प्रो. पांडे की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूर्णिया विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध परंपरा का भी प्रमाण है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के साथ-साथ पूरे पूर्णिया जिले का मान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों में इस उपलब्धि को लेकर हर्ष का वातावरण है। शिक्षाविदों का मानना है कि प्रो. पांडे की यह उपलब्धि युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी तथा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। निस्संदेह, प्रो. ए. के. पांडे की यह उपलब्धि पूर्णिया विश्वविद्यालय के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज की जाएगी।

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