नालंदा : बुधवार को नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कला कैला में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मिड-डे मील का भोजन करने के कुछ ही देर बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चों को उल्टी, दस्त और तेज चक्कर की शिकायत हुई, और देखते ही देखते कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना से स्कूल और आसपास के गांव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कुछ बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में भर्ती पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि दोपहर के भोजन में चावल और चने (बूट) की सब्जी परोसी गई थी। खाने के दौरान सब्जी में एक संदिग्ध गोली जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद थोड़ी ही देर में बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि रोज की तरह भोजन को पहले शिक्षकों ने चखकर नहीं देखा था। बाद में अमरेश सर ने वही भोजन खाया, जिसके बाद उनकी भी तबीयत खराब हो गई और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति ‘एकता फाउंडेशन’ नामक संस्था द्वारा की गई थी। घटना के बाद संस्था की कार्यप्रणाली और भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बिना समुचित जांच के बच्चों को भोजन परोस दिया गया, जिससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ गई।
बीमार बच्चों में अमृता कुमारी, अंकुश कुमार, अनुराधा कुमारी, तमन्ना, निशु मुस्कान, कृति, ऋषि, आरती, सिमरन, खुशी, आदित्य, प्रियांशु, प्रिय, दीपक, प्रीति, डोली, सौरभ, किरण और राधा कुमारी सहित तीन दर्जन से अधिक बच्चे उपचाराधीन हैं। स्कूल की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि भोजन शुरू होते ही बच्चों की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और विभाग के वरीय अधिकारियों को लिखित सूचना दे दी गई है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। घटना के बाद इलाके में भय और गुस्से का माहौल है, और अभिभावकों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।








