अररिया, प्रिंस कुमार: पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा चयनित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही फारबिसगंज कॉलेज में शैक्षणिक सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा राजनीति विज्ञान में चयनित एक नियमित प्राध्यापक समेत कुल 11 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 9 सहायक प्राध्यापकों ने गुरुवार को प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार यादव के समक्ष अपना योगदान दे दिया।
इन विषयों को मिले नए शिक्षक प्राचार्य ने बताया कि योगदान देने वाले शिक्षकों में इतिहास (1), राजनीति विज्ञान (2), मनोविज्ञान (1), रसायन विज्ञान (1), वाणिज्य (1) और हिंदी (1) के सहायक प्राध्यापक शामिल हैं। शिक्षकों की इस नई टीम के आने से अब कॉलेज के सभी विषयों में नियमित रूप से पढ़ाई सुनिश्चित हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण कदम के लिए प्राचार्य ने विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया।
75% उपस्थिति अनिवार्य, अभिभावकों से अपील डॉ. यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि अब कॉलेज में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से कॉलेज भेजें ताकि वे नए शैक्षणिक माहौल का लाभ उठा सकें।
आगामी सत्र 2026-27: वोकेशनल कोर्स और पीजी की सौगात कॉलेज के भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए प्राचार्य ने बड़ी घोषणाएं कीं सत्र 2026-27 से BBA, BCA जैसे वोकेशनल कोर्स और विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई शुरू होगी। पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत फारबिसगंज कॉलेज पहला ऐसा संस्थान बनेगा जहाँ लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। क्लास रूम और पूरे परिसर में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और नियमित वर्ग संचालन सुनिश्चित हो। प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार यादव ने विश्वास जताया कि इन सुधारों और नई नियुक्तियों का सुखद परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेगा और फारबिसगंज कॉलेज शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।










