
पूर्णिया विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर लोक भवन में मंथन, कुलाधिपति ने दिए कई अहम निर्देश
“समर्थ” पोर्टल लागू करने वाला बिहार का पहला विश्वविद्यालय बना पूर्णिया विश्वविद्यालय
पूर्णिया : बिहार लोक भवन में गुरुवार को महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन की अध्यक्षता में पूर्णिया विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के कार्यों, परीक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, छात्रहित से जुड़े मुद्दों तथा डिजिटल प्रशासनिक प्रणाली की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में राज्यपाल के ओएसडी, सचिव श्री गोपाल मीणा, राजभवन सचिवालय के संबंधित अधिकारी सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह, कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार, वित्त पदाधिकारी प्रो. इश्तियाक अहमद, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरकांत सिंह, पूर्णिया कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सावित्री सिंह तथा पूर्णिया महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता ने बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नामांकन, परीक्षा संचालन एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को “समर्थ” पोर्टल के विभिन्न मॉड्यूल के माध्यम से सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने इस डिजिटल व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह भी जानकारी दी गई कि “समर्थ” पोर्टल को प्रभावी ढंग से लागू करने वाला पूर्णिया विश्वविद्यालय बिहार का पहला विश्वविद्यालय बन चुका है।
प्रस्तुतीकरण में पेंशन एवं ग्रेच्युटी मामलों के निष्पादन, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान, परीक्षा कैलेंडर के नियमित संचालन, शिक्षक-छात्र अनुपात, नए पदों के सृजन तथा रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई। इसके अलावा मास कम्युनिकेशन एवं सीएमडी में पीजी पाठ्यक्रम, कैंपस प्लेसमेंट गतिविधियां, एनएसएस एवं एनसीसी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सहभागिता, भारत युवा संवाद जैसे आयोजनों में छात्रों की सक्रिय भूमिका तथा विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित सेमिनार और कार्यशालाओं की भी जानकारी दी गई।
कुलपति द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं आंकड़ों की प्रभावशाली प्रस्तुति पर कुलाधिपति सहित उपस्थित अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। विश्वविद्यालय में बेहतर प्रशासनिक कार्यशैली और तकनीकी प्रणाली के सफल उपयोग को लेकर कुलपति को बधाई भी दी गई।
समीक्षा बैठक के बाद महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने नए डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति शीघ्र करने, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का वेतन समय पर सुनिश्चित करने तथा महाविद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने पर जोर दिया। साथ ही विश्वविद्यालय एवं कॉलेज स्तर पर सेमिनार और कार्यशालाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कुलाधिपति ने स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता देने, शैक्षणिक सत्र को नियमित बनाए रखने तथा वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुकदमों से संबंधित मामलों में एसओएफ शीघ्र तैयार करने, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं और सभी वर्गों की महिलाओं के ट्यूशन शुल्क पुनर्भुगतान की प्रक्रिया तेज करने तथा अतिथि शिक्षकों की कक्षाओं को “समर्थ” पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन एवं अन्य वित्तीय लाभों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक के अंत में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा।