Ambedkar Jayanti

Ambedkar Jayanti: पूर्णियाँ कॉलेज में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर विविध कार्यक्रम आयोजित

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♦ प्रतिनिधि पूर्णियाँ, किशन भारद्वाज : Ambedkar Jayanti पूर्णियाँ कॉलेज, पूर्णियाँ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) की प्रथम इकाई द्वारा कॉलेज परिसर में बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करने से हुई, जिसमें कॉलेज के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और एन.एस.एस. के स्वयंसेवक उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) शंभु लाल वर्मा ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संविधान के मूल भावों – स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व – की महत्ता पर जोर देते हुए छात्रों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। डॉ. वर्मा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि वे समाज सुधार के एक सशक्त स्तंभ भी थे, जिन्होंने महिलाओं, दलितों और बच्चों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया।

एन.एस.एस. प्रथम इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष सीए. राजेश एस. झा ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक महान विचारक, विधिवेत्ता, समाज सुधारक और भारतीय लोकतंत्र के मार्गदर्शक थे। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर की पहली जयंती 14 अप्रैल 1928 को पुणे में सदाशिव रणपिसे द्वारा मनाई गई थी, और आज यह दिन पूरे देश में समान रूप से सम्मान और प्रेरणा के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर कॉलेज में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। यह आयोजन उपस्थित जनों के बीच राष्ट्रीय एकता, जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजगता की भावना को और भी सशक्त करने का प्रयास था।

कार्यक्रम के अंतर्गत एक शैक्षणिक सेमिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने डॉ. अंबेडकर के सामाजिक न्याय, शिक्षा और समता संबंधी विचारों पर आधारित पोस्टर तैयार कर प्रस्तुत किए। इन रचनात्मक प्रस्तुतियों से छात्रों में जागरूकता और सहभागिता की भावना का विकास हुआ। इसके अतिरिक्त, डॉ. अंबेडकर के विचारों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक पदयात्रा भी निकाली गई। यह रैली कॉलेज परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री। इस रैली में प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) वर्मा, कार्यक्रम पदाधिकारी सीए. राजेश एस. झा, हिंदी विभाग की डॉ. सीता कुमारी, उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मुजाहिद हुसैन समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। रैली के माध्यम से सामाजिक समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। राष्ट्रगान के साथ इस प्रेरणादायी आयोजन का समापन हुआ। एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों एवं छात्रों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को सफल एवं स्मरणीय बना दिया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक था, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी को डॉ. अंबेडकर के विचारों से जोड़ने और उनके सामाजिक दृष्टिकोण को समझने की दिशा में एक सार्थक प्रयास भी था।

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