नई दिल्ली: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का सोमवार को निधन हो गया, वे लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और मई माह से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे। मलिक ने गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में राज्यपाल के रूप में कार्य किया था और अपनी स्पष्टवादिता और निर्भीक टिप्पणियों के लिए हमेशा चर्चा में रहे।विशेष रूप से किसान आंदोलन, भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उन्होंने बेबाक राय रखी, जिसने उन्हें जनता के बीच एक अलग पहचान दी। उनके निधन की जानकारी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर दी गई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहसिक योगदान को याद किया। Post navigationभारत पर ट्रंप के 25% टैरिफ पर Rahul Gandhi का हमला: “मोदी वही करेंगे जो ट्रंप कहेंगे” NEW DELHI : सीमांचल को रात्रिकालीन ट्रेन और वंदे भारत की सौगात दिलाने में जुटे सांसद पप्पू यादव
नई दिल्ली: पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का सोमवार को निधन हो गया, वे लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और मई माह से दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे। मलिक ने गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में राज्यपाल के रूप में कार्य किया था और अपनी स्पष्टवादिता और निर्भीक टिप्पणियों के लिए हमेशा चर्चा में रहे।विशेष रूप से किसान आंदोलन, भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उन्होंने बेबाक राय रखी, जिसने उन्हें जनता के बीच एक अलग पहचान दी। उनके निधन की जानकारी उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर दी गई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहसिक योगदान को याद किया।