पूर्णिया/जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में 14 फरवरी को मनाए जाने वाले जिला स्थापना दिवस के गरिमामय आयोजन को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया और आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णिया बिहार के सबसे पुराने जिलों में से एक है, जिसकी अपनी समृद्ध, गौरवशाली ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत रही है। जिला स्थापना दिवस को इसी गौरव के अनुरूप भव्य और यादगार रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवसर पर स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राज्य स्तरीय कलाकारों की सहभागिता से भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें पूर्णिया की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी।स्थापना दिवस के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें जिले में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ‘आत्मनिर्भर बिहार’ के रोडमैप को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही व्यंजन मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय खान-पान और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में स्कूली बच्चों के लिए निबंध, पेंटिंग और खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी योजना बनाई गई है। इसके अलावा ‘रन फॉर पूर्णिया’ के नाम से मैराथन आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस अवसर पर जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया जाएगा।बैठक में नगर निगम, पूर्णिया को पूरे शहर में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने, सौंदर्यीकरण करने और प्रमुख चौराहों पर आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि जिला स्थापना दिवस का उत्सव पूरे शहर में उल्लास के साथ मनाया जा सके। Post navigationबैसा सीएचसी में आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को मिलेगा बल भवानीपुर थाना को मिला नया थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक राजकुमार चौधरी ने संभाला पदभार