पूर्णिया, आनंद यादुका: PURNIA NEWS भवानीपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निर्दयी मां ने अपने नवजात बेटे को बोरे में बंद कर बाँसबाड़ी में फेंक दिया।शनिवार सुबह तेलियारी निवासी नरेश साह को रोने की आवाज सुनाई दी, तो उन्होंने देखा कि एक बोरे के अंदर से नवजात की आवाज आ रही है। उन्होंने तुरंत पत्नी किरण देवी को बुलाया, जिसने बोरा खोलकर देखा तो अंदर जिंदा नवजात बालक था। दंपत्ति ने तत्काल आशा कार्यकर्ता निभा भारती को सूचना दी और बच्चे को सीएचसी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज हुआ।इसी बीच यह घटना एक मानवता की मिसाल भी बन गई। निःसंतान नरेश साह और उनकी पत्नी किरण देवी ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी खुद उठाई है। उन्होंने अस्पताल में कहा कि “भगवान ने हमें यह बच्चा भेजा है, अब यह हमारा बेटा है।” उनके इस नेक कार्य की पूरे इलाके में प्रशंसा हो रही है। Post navigationपूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने छोड़ी जेडीयू, थामा राजद का दामन — धमदाहा से लेसी सिंह को दे सकते हैं टक्कर संस्कार भारती पूर्णिया इकाई की नई कार्यकारिणी समिति 2024–27 की घोषणा, सांस्कृतिक नवजागरण का लिया संकल्प