SAHARSA NEWS,अजय कुमार : अंतरराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल फेडरेशन एफआईपी द्वारा जारी स्लोगन थिंक हेल्थ थिंक फार्मासिस्ट के साथ धूमधाम से सदर अस्पताल परिसर में वर्ल्ड फार्मासिस्ट दिवस का आयोजन किया गया।मुख्य आयोजक धर्मेंद्र कुमार के अनुसार यह दिवस पूरी दुनियां में 25 सितंबर को एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि जैसे दवा के बिना स्वास्थ्य की कल्पना नहीं की जा सकती।वैसे ही फार्मासिस्ट के बिना दवा की कल्पना नहीं की जा सकती है। यह आयोजन फार्मासिस्टों के बहुआयामी महत्व और स्वास्थ्य प्रणाली के बेहतर बनने में उनकी क्षमता का एक शक्तिशाली संदेश है। एक फार्मासिस्ट दवाओं को तैयार करने, उसके सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने में विशेषज्ञ होते हैं जिनका काम दवाओं का प्रबंधन, भंडारण, वितरण, खुराक का सत्यापन, संभावित दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना आदि है।इस आयोजन का उद्देश्य फार्मासिस्टों की पहचान और गरिमा आम जनों के बीच स्थापित करना तथा आत्मसम्मान बढ़ाना है क्योंकि फार्मासिस्ट की भूमिका स्वास्थ्य के क्षेत्र में नींव की ईंट का है जो प्रत्यक्षतः दिखाई नहीं देता। सच है कि दवा ज़िन्दगी बचाती है पर दवाओं को जिंदगी एक फार्मासिस्ट देता भी है और बचाता भी है।सहरसा में स्वास्थ्य महकमे में पदास्थापित फार्मासिस्टों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर और एक दूसरे को बधाई देते हुए की गई।जीएनएम स्कूल की छात्राओं ने इनके कार्यों और महत्वों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों और अतिथियों को एक स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर किशोर कुमार, पूर्व उप निदेशक, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, डॉक्टर रतन कुमार झा, सिविल सर्जन, सहरसा, डॉक्टर आर मोहन, पूर्व एसीएमओ अविनाश कुमार,आरपीएम, कोशी प्रमंडल, अभिषेक सिंह, प्रधान लिपिक नन्द कुमार ख़ाँ, डीपीएम विनय रंजन,जीएनएम प्राचार्य नेहा कुमारी, सावन कुमार कर्ण सहित अनेक गणमान्य लोगों की गौरवपूर्ण उपस्थिति रही।आयोजन समिति में कौशलेंद्र प्रसाद, पंकज, पवन, मोहंती, प्रेम कुमार सहित दर्जनों फार्मासिस्ट सक्रिय रहें। Post navigationSAHARSA NEWS : जिलाधिकारी के नेतृत्व में स्वच्छता ही सेवा के तहत श्रमदान किया SAHARSA NEWS : लहटन चौधरी कालेज एवं इवनिंग कालेज सहित शेष बचे महाविद्यालय को अनुदान भुगतान की मांग