पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: Purnia News टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ, प्रखंड इकाई रुपौली के अध्यक्ष नितेश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य के लाखों विशिष्ट शिक्षकों की वेतन संबंधी समस्याओं को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यकर्मी बनाए जाने की घोषणा के बाद शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त किया, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी वेतन निर्धारण से संबंधित कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुआ है।नतीजतन शिक्षकों को फिलहाल ₹25000 के मूल वेतन पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि परीक्षा से पहले 2003/2005 बैच को ₹31340, 2006 बैच को ₹30420 और 2010 बैच को ₹27820 मूल वेतन मिल रहा था। इस अंतर के कारण शिक्षकों को हर महीने ₹8000 से ₹12000 तक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। नितेश कुमार ने बताया कि अधिकांश शिक्षकों ने बैंक से लोन लिया हुआ है, और वर्तमान कम वेतन के चलते EMI कटने के बाद हाथ में कुछ नहीं बचता, जिससे शिक्षक वर्ग आर्थिक रूप से बेहद तनाव में है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द वेतन निर्धारण संबंधी मार्गदर्शक पत्र जारी किया जाए ताकि शिक्षकों को उनका हक मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव से अविलंब इस दिशा में कदम उठाने की अपील की है। Post navigationPurnia News: सहनी टोला की नैना बनीं प्रेरणा की मिसाल, जेईई की निःशुल्क तैयारी योजना में हुआ चयन PURNIA NEWS : 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज नहीं करायेंग, उसे परीक्षा फार्म प्रपत्र भरने से रोक दिया जायेगा – प्राचार्य
पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: Purnia News टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ, प्रखंड इकाई रुपौली के अध्यक्ष नितेश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य के लाखों विशिष्ट शिक्षकों की वेतन संबंधी समस्याओं को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यकर्मी बनाए जाने की घोषणा के बाद शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त किया, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी वेतन निर्धारण से संबंधित कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुआ है।नतीजतन शिक्षकों को फिलहाल ₹25000 के मूल वेतन पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि परीक्षा से पहले 2003/2005 बैच को ₹31340, 2006 बैच को ₹30420 और 2010 बैच को ₹27820 मूल वेतन मिल रहा था। इस अंतर के कारण शिक्षकों को हर महीने ₹8000 से ₹12000 तक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। नितेश कुमार ने बताया कि अधिकांश शिक्षकों ने बैंक से लोन लिया हुआ है, और वर्तमान कम वेतन के चलते EMI कटने के बाद हाथ में कुछ नहीं बचता, जिससे शिक्षक वर्ग आर्थिक रूप से बेहद तनाव में है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द वेतन निर्धारण संबंधी मार्गदर्शक पत्र जारी किया जाए ताकि शिक्षकों को उनका हक मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिक्षा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव से अविलंब इस दिशा में कदम उठाने की अपील की है।