नई दिल्ली। पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लोकसभा में नियम 377 के तहत सीमांचल क्षेत्र में गहराते स्वास्थ्य संकट का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जैसे जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जिससे आम लोगों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सांसद पप्पू यादव ने सदन को बताया कि सीमांचल के अधिकांश जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, आईसीयू-एनआईसीयू जैसी जीवनरक्षक सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और पर्याप्त बेड के अभाव में मरीजों को मामूली बीमारी से लेकर गंभीर आपात स्थिति तक में पटना या अन्य महानगरों में रेफर कर दिया जाता है। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है, जिन्हें आर्थिक बोझ उठाने के साथ-साथ समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनों की जान तक गंवानी पड़ती है।उन्होंने निजी अस्पतालों की मनमानी पर भी कड़ी चिंता जताई। सांसद ने कहा कि सीमांचल से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जहां गलत इलाज और चिकित्सकीय लापरवाही से मरीज की मौत के बाद भी परिजनों से जबरन मोटी रकम वसूली जाती है। कई मामलों में शव तक को बंधक बनाए जाने जैसी अमानवीय घटनाएं सामने आई हैं, जो चिकित्सा-धर्म और चिकित्सकीय आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।पप्पू यादव ने सरकार से मांग की कि सीमांचल के जिला अस्पतालों को क्षेत्रीय रेफरल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। साथ ही निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हों, उच्च स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जाए और पारदर्शी शुल्क नियंत्रण के साथ सख्त जवाबदेही तंत्र सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने विशेष रूप से पूर्णिया में केंद्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी मेडिकल संस्थान की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे सीमांचल के लाखों लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। सांसद ने कहा कि इलाज के लिए जनता को दर-दर भटकने से मुक्ति दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। Post navigationसूरज बिहारी हत्याकांड: बेटे के इंसाफ की आस में पिता ने भी तोड़ा दम हाउसिंग कॉलोनी क्षेत्र में खाली पड़ी सरकारी भूमि पर आवास निर्माण की मांग, विधायक ने उठाया मुद्दा