ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शान्ति अनुभूति भवन की आठवीं वर्षगांठ हर्षोल्लास संपन्न

SAHARSA NEWS,अजय कुमार : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बनगांव रोड स्थित शान्ति अनुभूति भवन की आठवीं वर्षगांठ हर्षोल्लास एवं समारोहपूर्वक मनाई गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवाकेंद्र प्रभारी स्नेहा बहन ने कहा कि सहरसा में कोशीवासियों की आध्यात्मिक सेवा के लिए जनवरी, 2008 में ब्रह्मा कुमारीज की शाखा का शुभारंभ हुआ।परिणामस्वरूप अनेक कोशीवासी भाई-बहनों ने ईश्वरीय ज्ञान का लाभ लेकर जीवन को पवित्रता, सात्विकता एवं चरित्र-निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ाया और सेवाओं का चारों ओर विस्तार करने के लक्ष्य से सेवाकेंद्र का अपना भवन बनाने का संकल्प किया।विगत आठ वर्षों में माउंट आबू एवं भारत के अनेक प्रमुख स्थानों से महारथी, त्यागी-तपस्वी, महान आत्माओं का इस भूमि पर शुभागमन हुआ, जिनके द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों आत्माओं को परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण एवं कर्तव्य का जो महान कार्य चल रहा है उसका संदेश पहुंचाया गया। इस स्थान पर प्रतिदिन राजयोग प्रशिक्षण एवं अनेक प्रकार की सेवाओं का कार्यक्रम चलता रहता है। आठ वर्षों में यह स्थान आध्यात्मिक रूप से चार्ज हो गया है और यहां आने वाले भाई-बहनों को शान्ति एवं सुकून का अनुभव होता है।

इसके द्वारा मुरलीगंज और सिमरी बख्तियारपुर में भी सेवाकेंद्र की स्थापना हुई है और अनेक स्थानों पर गीता पाठशालायें भी खोली गई हैं, जहां प्रतिदिन भगवान शिव के महावाक्य सुनाये जाते हैं और जीवन को तनावमुक्त एवं व्यसनमुक्त बनाने के लिए राजयोग शिविर एवं अनेक प्रकार के कार्यक्रम किये जाते हैं। स्नेहा बहन ने 8वीं वर्षगांठ के मौक़े पर सभी से आठ शुभ संकल्प करवाए और सदा ख़ुश रहने, परमात्म-पालना में पलने, सदा निश्चिंत और स्वस्थ रहने की शुभकामनाएं दीं।अपनी शुभकामनाएं देते हुए आगन्तुक अतिथियों ने कहा कि शान्ति अनुभूति भवन सहरसा वासियों के लिए परमात्मा का एक अनुपम उपहार है। आने वाले समय में यह स्थान शान्ति अनुभूति के लिए तीर्थ स्थान के रूप में मशहूर होने वाला है।कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन कर सभी को सम्मान स्वरूप पट्टा एवं मुकुट पहनाया गया। तत्पश्चात केक कटिंग हुई, तिलक लगाकर मुख मीठा कराया गया और सौगात दी गई।सभी खुशी में झूम रहे थे और एक स्वर्गिक नजारा अनुभव हो रहा था।कार्यक्रम में मुख्य रूप से जय प्रकाश यादव, राधेश्याम अग्रवाल, कर्नल रवि, अर्जुन दहलान, प्रोफ़ेसर अर्जुन प्रसाद, ओम प्रकाश चौधरी, कन्हैया सुरेका, सुबोध मावण्डिया, शत्रुघ्न भाई, अवधेश भाई सहित सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *