पूर्णिया: Purnia News पूर्णिया के भाग संख्या 19 और नवरतन हाता जैसे इलाके, जहां एक तरफ मंत्री, डीएम और एसपी जैसे अधिकारियों का रोजाना आना-जाना होता है, तो दूसरी तरफ शहर के सबसे संपन्न नागरिक रहते हैं—विकास की असली सच्चाई को सामने ला रहे हैं। हरिजन हॉस्टल और IMA हॉल के पास की सड़कें इतनी जर्जर हैं कि गड्ढों की गहराई 3 से 4 फीट तक पहुंच चुकी है। 40 फीट चौड़ी इस मुख्य सड़क पर आज तक नाले का निर्माण नहीं हुआ, जिससे हर बारिश एक त्रासदी बन जाती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यहां के जनप्रतिनिधि वही हैं, मेयर तक का नियमित आना-जाना है, फिर भी हालात नहीं बदले। दूसरी ओर, नवरतन हाता जैसे पॉश मोहल्ले में जहां हर सुविधा उपलब्ध है—बड़े बैंक, मॉल, KFC जैसे ब्रांड्स—वहीं जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है। सिक्स लेन के बगल में बसे इस इलाके के लोग हर बारिश में जलजमाव से जूझते हैं, क्योंकि आज तक नाला बन ही नहीं पाया।सवाल बड़ा है: जब VIP और संपन्न इलाकों का ये हाल है, तो गरीब मोहल्लों और बस्तियों की स्थिति का अंदाज़ा लगाना कठिन नहीं। यह “विकास” का आईना है या सिर्फ कागज़ों पर चमकता एक दिखावटी शहर? क्या नगर निगम, पार्षद और प्रशासन केवल घोषणाओं तक सीमित हैं? या फिर विकास की असल प्राथमिकताएं कहीं गुम हो गई हैं? पूर्णिया की जमीनी हकीकत चुपचाप एक बड़ा सवाल उठा रही है – *क्या यही है चमकते बिहार की असली तस्वीर? Post navigationPurnia News: टिकापट्टी में चोरों की लगी क्लास, चापाकल संग दो धराए! Purnia News: कामरेड चारु मजूमदार के 53वें शहादत दिवस पर भाकपा-माले ने किया संकल्प का नवीनीकरण