पूर्णिया: जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड के गौरा और डगरुआ प्रखंड के गणडवास स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों अस्पतालों का मूल्यांकन करते हुए वहां उपलब्ध सात प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाओं—गर्भवती महिलाओं एवं प्रसव, बच्चों और वयस्कों की स्वास्थ्य सेवाएं, जांच और दवा व्यवस्था, परिवार नियोजन, संचारी एवं गैर-संचारी रोग चिकित्सा, नवजात और शिशु स्वास्थ्य—का आकलन किया और अस्पतालों को अंक प्रदान किए।सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि गौरा अस्पताल को 86.21 प्रतिशत अंक और गणडवास अस्पताल को 83.06 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और संबंधित अस्पताल कर्मचारियों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर बधाई दी गई। डीसीक्यूए डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय टीम ने स्थानीय लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ का भी मूल्यांकन किया।अस्पताल प्रबंधन और वित्तीय सहायता: एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग अगले तीन वर्षों तक दोनों अस्पतालों को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराएगा। डीपीएम स्वास्थ्य सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि यह राशि अस्पतालों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित रूप से प्रदान करने और स्थानीय लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित करने में मदद करेगी। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्था यूनिसेफ के सहयोग से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार स्थानीय जनता तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे लोग सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें। Post navigationअमौर में परमान नदी से अज्ञात युवक का शव बरामद, पुलिस ने किया पोस्टमार्टम के लिए भेजा Purnia News: अमौर में नाव से गिरने से वृद्ध की नदी में डूबकर मौत
पूर्णिया: जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड के गौरा और डगरुआ प्रखंड के गणडवास स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों अस्पतालों का मूल्यांकन करते हुए वहां उपलब्ध सात प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाओं—गर्भवती महिलाओं एवं प्रसव, बच्चों और वयस्कों की स्वास्थ्य सेवाएं, जांच और दवा व्यवस्था, परिवार नियोजन, संचारी एवं गैर-संचारी रोग चिकित्सा, नवजात और शिशु स्वास्थ्य—का आकलन किया और अस्पतालों को अंक प्रदान किए।सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि गौरा अस्पताल को 86.21 प्रतिशत अंक और गणडवास अस्पताल को 83.06 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और संबंधित अस्पताल कर्मचारियों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर बधाई दी गई। डीसीक्यूए डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय टीम ने स्थानीय लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ का भी मूल्यांकन किया।अस्पताल प्रबंधन और वित्तीय सहायता: एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग अगले तीन वर्षों तक दोनों अस्पतालों को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराएगा। डीपीएम स्वास्थ्य सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि यह राशि अस्पतालों को सभी स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित रूप से प्रदान करने और स्थानीय लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित करने में मदद करेगी। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्था यूनिसेफ के सहयोग से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार स्थानीय जनता तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे लोग सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।