पूर्णिया,अभय कुमार सिंह — लोक आस्था के महापर्व छठ के बीच दो दर्दनाक घटनाओं ने क्षेत्र को दहला दिया। पहली घटना मोहनपुर थाना क्षेत्र के साधुपुर मंझोडीह गांव की है, जहां अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान गांव की आंगनबाड़ी सहायिका के इकलौते पुत्र की नदी में डूबने से मौत हो गई। युवक को एक घंटे बाद बाहर निकाला गया और सीपीआर देने पर कुछ देर के लिए सांसें लौटीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं दूसरी घटना नगर पंचायत के गोखली टोला निवासी बुद्धन मंडल की है, जिनकी मौत पंजाब से घर लौटते समय उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्टेशन के पास ट्रेन में तबीयत बिगड़ने से हो गई। गरीब परिवार शव को गांव तक लाने की सामर्थ्य न होने के कारण वहीं अंत्येष्टि के लिए मजबूर हो गया। परिजनों ने जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। इन दोनों घटनाओं ने न केवल पर्व की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि राजनीति और समाज की संवेदनहीनता पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। Post navigationPURNIA NEWS : छठ पर्व पर दर्दनाक हादसा: नदी में डूबने से सहायिका के एकलौते पुत्र की मौत, पूरे गांव में मातम चुनाव दिवस पर श्रमिकों को सवैतनिक अवकाश सुनिश्चित करने को लेकर पूर्णिया प्रमंडल में समीक्षा बैठक आयोजित