पूर्णिया: Chhath Puja 2025 लोक आस्था, अटूट विश्वास और पवित्रता का प्रतीक महापर्व छठ कल से नहाय-खाय के साथ आरंभ होगा। चारों ओर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण है — घर-आंगन से लेकर घाटों तक छठी मइया के गीतों की मधुर गूंज सुनाई दे रही है। हर कोई सूर्य उपासना के इस पावन पर्व को लेकर उत्साह और उमंग से भरा है। नहाय-खाय के दिन व्रती पवित्र जल से स्नान कर भगवान भास्कर की आराधना करेंगे और मिट्टी के नए चूल्हे पर सेंधा नमक से बने अरवा चावल, मूंग दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह दिन पवित्रता और संयम का प्रतीक माना जाता है।

रविवार को खरना के साथ व्रती निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगे, जबकि सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को और मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर यह महापर्व संपन्न होगा। इधर, घाटों पर सजावट और सफाई का कार्य जोरों पर है। श्रद्धालु स्वयं अपने हाथों से घाटों को सजा-संवार रहे हैं। नगर निगम की सफाई के बाद लोग कुदाल और खुरपी लेकर घाटों की सुंदरता बढ़ाने में जुट गए हैं। वहीं बाजारों में कद्दू, फल और पूजा सामग्री की खरीददारी से रौनक छा गई है। भक्ति, स्वच्छता और सूर्योपासना की इस अद्भुत परंपरा ने पूर्णिया को एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में रंग दिया है।



