पूर्णिया, आनंद यादुका : 2015-16 में लाखों के लागत से बने सीएचसी भवानीपुर के भवन का छत काफी जर्जर हो गया है । सीएचसी भवन के छत के जजर्र होने से यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है । भवानीपुर प्रखंड के साथ साथ इसके सीमा से लगनेवाले मधेपुरा जिले के कुछ पंचायतों के लोगों की लाइफ लाइन कहे जाने वाले सीएचसी भवानीपुर के जजर्र भवन के नीचे ओपीडी के अतिरिक्त मरीज प्रतीक्षालय, ओपीडी पंजीकरण, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक स्टोरेज यूनिट, एक्सरे कक्ष, एनसीडी क्लिनिक, कुष्ठ विभाग एवं जन्म मृत्यु पंजीकरण आदि सेवा से संबंधित कार्य होते हैं और यहां प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीजों को देखने का काम भी किया जाता है ।
सीएचसी भवन के छत के जर्जर होने से जहां हल्की बारिश में ही छत टपकने लगता है वहीं सर्दी के मौसम में भी छत से पानी का रिसाव होते रहता है । जबकि जर्जर छत के ऊपर काफी ज्यादा पौधे भी उग आए हैं ।
सीएचसी भवन के छत के जर्जर होने से जहां कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है , वहीं छत से पानी रिसाव के वजह से अस्पताल के महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं कम्प्यूटर खराब हो चुके हैं । इसके साथ ही अस्पताल के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बर्बाद हो रहे हैं । जबकि इस भवन में कार्यरत चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी एवं इलाज के लिए आये मरीज भी डर के साये में इलाज करवाते हैं । सीएचसी भवन के जर्जर छत को लेकर सीएचसी प्रभारी के द्वारा पूर्णिया सीएस को पत्रांक 291 दिनांक 21.11.2025 को अवगत भी कराया जा चुका है । इसके बावजूद इस तरफ उचित ध्यान बरिय विभागीय अधिकारी के द्वारा नहीं दिया जा रहा है । इस बाबत सीएचसी भवानीपुर के प्रधान लिपिक विश्वजीत कुमार ने बताया कि दस बर्ष में ही सीएचसी भवानीपुर के भवन का छत जर्जर हो गया है । उन्होंने बताया कि सीएचसी भवन का छत कभी भी गिर सकता है , जिससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है । उसने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा० नवीन कुमार उपरोझिया के द्वारा इसको लेकर लगातार बरिय अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है ।

