PURNIA NEWS : छात्र राजद पूर्णिया जिला इकाई के अध्यक्ष मोहम्मद बिस्मिल ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी कर पूर्णिया विश्वविद्यालय और पूर्णिया महाविद्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिस्मिल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा से प्रो. मनोज सेन को संरक्षण देता आया है, जिसके कारण उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि हाल ही में सांसद पप्पू यादव द्वारा आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में एक छात्रा ने मंच से आरोप लगाया कि प्रो. सेन ने रिजल्ट देने के बदले आपत्तिजनक टिप्पणी की और अनुचित व्यवहार किया। बिस्मिल ने कहा कि यह कोई पहली शिकायत नहीं है और इससे पहले भी कई छात्राओं और छात्रों ने उनके अभद्र व्यवहार की शिकायत की थी। उन्होंने स्वयं भी कुछ महीने पूर्व परीक्षा नियंत्रक पद पर प्रो. सेन से अपमानजनक भाषा के प्रयोग की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बिस्मिल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में “चहेते” होने के कारण प्रो. सेन को लगातार महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया है, जैसे कि फिजिक्स विभाग के एचओडी और हाल ही में सामर्थ्य पोर्टल एवं डिजिलॉकर के नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। छात्र राजद ने कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह और छात्र कल्याण पदाधिकारी प्रो. अरविंद कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपकर प्रो. सेन को तत्काल निलंबित करने और स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की है। बिस्मिल ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।



