अंग इंडिया संवाददातासूरज बिहारी की हत्या के दस दिन बाद इस हृदयविदारक मामले ने एक और जान ले ली। बेटे के इंसाफ की आस और गहरे सदमे को सहन न कर पाने के कारण सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का गुरुवार सुबह निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, आज सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें फातमा अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।गौरतलब है कि दस दिन पहले शहर के नेवालाल चौक स्थित बसंत बिहार इलाके में अपराधियों ने सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद परिवार में विधि-विधान से अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन बेटे की मौत का गहरा आघात जवाहर यादव सह नहीं पाए और दसवें दिन उन्होंने भी दम तोड़ दिया।इस दोहरी त्रासदी की खबर फैलते ही इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है। सैकड़ों लोग जवाहर यादव के आवास पर पहुंच रहे हैं और जैसे-जैसे लोगों को घटना की जानकारी मिल रही है, गुस्सा और पीड़ा बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूरज बिहारी की हत्या के दस दिन बीत जाने के बावजूद पूर्णिया पुलिस अब तक किसी भी हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे जनता में भारी असंतोष है।स्थिति यह है कि पूर्णिया का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और लोगों के बीच जनाक्रोश पनप रहा है। चर्चा है कि यदि जल्द ही गिरफ्तारी नहीं हुई तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकती है। यह मामला अब केवल एक हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर सवाल बनता जा रहा है। Post navigationमहाशिवरात्रि 2026: 15 फरवरी को मनाई जाएगी, उत्तराषाढ़ा और सर्वार्थ सिद्धि योग में विशेष महत्व पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार जैसे जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय: पप्पू यादव