वृद्धजन हमारी अमूल्य धरोहर, उनकी सेवा करना सबका नैतिक दायित्व : ललन सिंह

पूर्णियाँ : वृद्धाश्रम ‘सहारा’ में शुक्रवार को एक विशेष निरीक्षण एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां रह रहे वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। कार्यक्रम में बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, कसबा विधायक नितीश कुमार सिंह, रूपौली विधायक कलाधर प्रसाद मंडल, जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार, उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अमरेश कुमार, कोषागार पदाधिकारी डॉ. संतोष कुमार एवं स्वयंसेवी संस्था के सचिव रणधीर कुमार सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अतिथियों का स्वागत वृद्धाश्रम प्रबंधन समिति और कर्मचारियों द्वारा किया गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने आवासीय कक्ष, भोजनालय, स्वास्थ्य सुविधा केंद्र एवं मनोरंजन कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धजनों की देखभाल, भोजन की गुणवत्ता तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने वृद्धाश्रम परिसर में वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने आंवला, आम और गुलमोहर के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहल वृद्धाश्रम परिसर को हराभरा और वृद्धजनों के लिए अधिक सुखद वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब केंद्रीय मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने वृद्धजनों के बीच बैठकर उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और जीवन के अनुभवों को सुना। वृद्धजनों ने भी खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं।इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने सभी वृद्धजनों को सम्मान स्वरूप शॉल भेंट किया तथा फल और अन्य खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा एवं सम्मान करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह ने आश्वस्त किया कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की खाद्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए विभागीय सहयोग लगातार जारी रहेगा। वहीं विधायक नितीश कुमार सिंह ने स्थानीय स्तर पर वृद्धजनों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।जिला प्रशासन ने भी वृद्धाश्रम की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम ने वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।